धर्म परिवर्तन की अफवाह पकड़ में आने पर फिर अपमानित हुई वीएचपी

धर्म परिवर्तन मामले में विश्व हिंदू परिषद की अफवाह का भांड फूट जाने से एक बार फिर उसे अपमानित होना पड़ा है. लोक गायिका आबिदा और फरीदा मीर ने वीएचपी की इस अफवाह का साफ खंडन कर दिया है.

फरीदा मीर लोक गायिका हैं

फरीदा मीर लोक गायिका हैं

 

वीएचपी ने गुजराती लोक गायिका फरीदा मीर और उनकी बहन आबिदा मीर की घरवापसी का दावा किया है, हालांकि, दोनों बहनों ने इससे इनकार किया है.

 

फरीदा मीर और आबिदा मीर दोनों सगी बहन हैं और दोनों गुजराती संगीत की प्रसिद्ध गायिका हैं. आबिदा मीर गुजरात के सुरेन्द्रनगर में रहती है, जबकि फरीदा राजकोट में रहती हैं.

 

विश्व हिंदू परिषद ने आबिदा को सुरेन्द्रनगर में एक कार्यक्रम में गाने के लिए बुलाया गया था. कार्यक्रम के बाद आबिदा मीर का स्वागत भगवा खेश से किया गया और इसके बाद यह प्रचारित किया गया कि आबिदा ने फिर से हिंदुत्व को पना लिया है. जैसे ही वीएचपी की यह अफवाह फैली, आबिदा ने इसका जोरदार खंडन किया. इसके बाद वीचएपी नेताओं की कलई खुल गयी.

गौरतलब है कि इसी तरह का एक कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के आगरा में किया गया जहां वीएचपी और आरएसएस के एक संगठन ने 50 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों के लोगों का धर्म परिवर्तन का दावा किया गया लेकिन दूसरे ही दिन उन लगों ने इसे धोखा देकर कराया गया  परिवर्तन कहा. इस घटना के बाद आरएसएस से जुड़े एक नेता के खिलाफ केस दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार किया जा चुका है.

पिछले कुछ समय से वीएचपी और हिन्दू जागरण मंच धर्म परिवर्तन का अभियान चला रहे हैं, जिसे वो ‘घर वापसी’ का कार्यक्रम बताते हैं. इसके तहत गुजरात के अलग-अलग हिस्सों समेत उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.

फरीदा और आबिदा मीर हिंदू देवी देवाताओं से जुड़े लोक गीत गाने के लिए विख्यात हैं. फरीदा के गाने पर कई फंडामेंटालिस्ट ग्रूपों को ऐतराज रहा है लेकिन मीर बहनों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. खुद फरीदा ने पिछले दिनों एक साक्षत्कार में कहा कि वह हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक हैं. लोक गायकी के अलावा फरीदा ने कई गुजराती फिल्मों में भी काम किया है. फरीदा मीर जाति से ताअल्लुक रखती हैं जिसके बारे में वह बताती हैं कि लोक गायिका उनके जीवन का हिस्सा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*