धुनिया को संगठित मजूदरों की सूची में शामिल किया जायेगा

बिहार सरकार के श्रम नियोजन विभाग ने मुस्लिम धुनिया जाति और बैंड पार्टी श्रमिकों को संगठित मजदूर स्वीकार कर लिया है.dhuniya

श्रम नियोजन विभाग के प्रधान सचिव सुभाष शर्मा ने पटना में आयोजित एक कार्यशाला में इसकी घोषणा की. इस समारोह का आयोजन असंगठित मजूदर कामगार संगठन ने किया था. सुभाष शर्मा ने कहा कि धुनिया समाज को लोगों और बैंड पार्टी से जुड़े लोग अब तक असंगठित मजदूर की श्रेणी में थे लेकिन सरकार जल्द ही यह सूची जारी करेगी.

इससे पहले टी फिरोज अहमद ने धुनिया जाति की बदहाली का उल्लेख करते हुए कहा कि धुनिया जाति की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर सरकार को ध्यान देना चाहिए, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं देती. उनका शोध पत्र ‘ज्योगराफिकल पर्स्पेक्टिव’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था. यह जर्नल पटना विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वार प्रकाशित होता है.

उनके शोध का विषय था-‘बिहार के बैंड पार्टी मजदूरों की समाजिक आर्थिक स्थिति’.

फिरोज ने अपने इस शोध में धुनिया जाति और बैंड पार्टी मजदूरों की स्थिति पर व्यापक शोध किया है.

इस समारोह में पंकज श्वताभ ने बीड़ी मजदूरों की स्थिति पर अपने विचार रखते हुए सरकार से मांग की कि उनके लिए कल्याणकारी योजनायें सरकार को लागू करनी चाहिए. बचपन बचाओ आंदोनल के अरुण दास ने समारोह का संचालन किया. इस अवसर पर किशोरी दास समेत अनेक लोगों ने अपने विचार रखे.

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