नयी राह का नौकरशाह

दंतेवाड़ा में कलेक्टर रहते हुए ओपी चौधरी ने निजी क्षेत्र के सहयोग से नक्सल प्रभावित बच्चों के लिए सौ करोड़ रुपये का फंड जेनेरट कर शिक्षा केंद्र विकसित कर मिसाल कायम कर दी.

 अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को निहारते ओपी चौधरी( फोट तहलका)

अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को निहारते ओपी चौधरी( फोट तहलका)

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री एक्सैलेंस अवार्ड के लिए चुना गया है. उन्हें यह पुरस्कार सिविल सर्विस दिवस पर 21 अप्रैल को दिया जायेगा.

2005 कैडर के आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी ने अपने प्रयास से 150 एकड़ क्षेत्र में एजुकेशन हब का निर्माण करवा दिया है. चौधरी खुद कहते हैं- यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति के लिए दीर्घकालीन योजना है.इस योजना का नाम दिया गया ‘छू लो आसमान’

कैसे हुई शुरूआत

‘छु लो आसमान’ के नाम से शुरू की गयी ये योजना कैसे अमल में आई इसकी एक रोचक कहानी है.

दंतेवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी कहते हैं कि शाला प्रवेश उत्सव के दौरान ज़िले के होनहार छात्रों को मंत्री के हाथों पुरुस्कार दिए गए थे.

उस समारोह में गोपाल नाम के लड़के ने कलेक्टर से कहा कि वह भी मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहता है मगर दंतेवाड़ा में इसकी सुविधा नहीं है.

ओम प्रकाश चौधरी ने बीबीसी को दो साल पहले बताया था, ” बस वहीं से मेरे दिमाग में आया कि यहां भी ऐसा कुछ करना चाहिए ताकि छात्रों को आगे की तैयारी में मदद मिल सके.”
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में डीएम रहते हुए चौधरी ने अनेक इनोवेटिव कदम उठाये जिसके तहत नयी पीढ़ी की सोच में साकारात्मक बदलाव लाया जा सके. चौधरी फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार में सूचना विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं.

उन्होंने 2009 में 500 बच्चों की प्राथमिक शिक्षा के लिए रेसिडेंसियल स्कूल की स्थापना की जहां उनके लिए रहने, खाने और शिक्षा के लिए मुफ्त व्यवस्था की गयी. इस स्कूल में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को शिक्षा दी जाती है.

इस स्कूल में विशेष रूप से नक्सली घटनाओं के शिकार मां-बाप के बच्चों को तरीजीह दी जाती है.

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