नये कानून के तहत देश की पहली सजा बिहार में

केंद्र सरकार द्वारा लैंगिक अपराधों से बच्चो के संरक्षण अधिनियम 2012 लागू किय जाने के बाद बिहर पहला राज्य है जिसके तहत सजा सुनायी गयी है.death-penalty-india

इस कानून के तहत अपराधी को मौत की सजा सुनायी गयी है.

नाबालिग के साथ रेप और हत्या के एक मामले में पाक्सो की धाराओं के तहत जमुई के हेमलाल शाह को सजा दी गयी है.जमुई के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही हेमलाल साह ने 24 अगस्त को रेप किया और उसकी हत्या कर दी.इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 व 302 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया था.

लेकिन नये कानून के लागू होने के बाद पुलिस मुख्यालय को हुई, आईजी कमजोर वर्ग अरविंद पांडेय ने अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी को पाक्सो की धारा 4, 6, 8 व 10 जोड़ने का निर्देश दिया. और तब इसी आधार पर अदालत में मामला चला.

अदालत ने अभियुक्त को नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया और 19 अक्टूबर को उसे फांसी की सजा सुना दी. आईजी पांडेय के मुताबिक लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत देश में पहली बार किसी अभियुक्त को सजा सुनायी गयी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*