नरेंद्र – सम्राट भी नप गए

सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के बागी दो विधान परिषद के सदस्य नरेन्द्र सिंह और सम्राट चौधरी की दल विरोधी कार्य को लेकर परिषद की सदस्यता समाप्त कर दी गयी। परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि श्री सिंह और श्री चौधरी के दल विरोधी कार्यों को लेकर सदस्यता समाप्त करने से संबंधी विचाराधीन मामले में अंतिम सुनवाई की गयी। दोनों सदस्यों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किये। श्री सिंह ने कहा कि दोनों सदस्यों तथा जदयू की ओर से दिये गये तर्कों और सबूतों पर विचार के बाद उनकी सदस्यता समाप्त करने फैसला सुनाया गया।nnn

 

इससे पहले सभापति ने श्री सिंह और श्री चौधरी को अपना लिखित पक्ष रखने के लिये 21 दिसम्बर तक समय दिया था लेकिन इस तिथि तक दोनों सदस्यों की ओर से जवाब नहीं आ सके । दोनों सदस्यों की ओर से जवाब नहीं मिलने पर 23 दिसम्बर को एकतरफा सुनवाई की तिथि तय की गयी थी । हालांकि 23 दिसम्बर को ही इन सदस्यों के अधिवक्ताओं ने  समय की मांग की थी, जिस पर उन्हें छह जनवरी तक वक्त दिया गया।  दल बदल विरोधी कानून के तहत जदयू के ही बागी विधान परिषद सदस्य शिव प्रसन्न यादव की सदस्यता समाप्त करने के मामले में पांच जनवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन श्री यादव के अस्वस्थ रहने  के कारण सुनवाई की तिथि अब 28 जनवरी कर दी गयी है। इसी मामले में गत दिनों जदयू के विधान परिषद  सदस्य और पूर्व मंत्री महाचंद्र सिंह की सदस्यता समाप्त कर दी गयी थी ।
उल्लेखनीय है कि जदयू ने इन नेताओं पर दल विरोधी काम करने और विधानसभा चुनाव में पार्टी के विरोध में प्रचार करने का आरोप लगाया था । इसी आधार पर पार्टी के विधान परिषद में मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह ने स्वत: दल परित्याग करने का मुद्दा बनाकर इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की सभापति के समक्ष अर्जी दी थी ।

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