नवनिर्माण रैली: जन आवाज के सामने झुका प्रशासन

जन आवाज़ के आगे पटना जिला प्रशासन झुकने पर मजबूर हो ही गया. उसने 3 मार्च को होने वाली बिहार नवनिर्माण मंच की रैली के लिए गांधी मैदान आवंटित कर दिया है.

बिहार नवनिर्माण मंच ने कई महीने पहले रैली के लिए गांधी मैदान आवंटित करने संबंधी जिला प्रशासन को आवेदन किया था. लेकिन पटना जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों का आधार बना कर गांधी मैदान आवंटित करने से इनकार कर दिया था.

उपेंद्र कुशवाहा: जन भावना की खातिर राज्यसभा की कुर्सी छोड़ी

इसके बाद बिहार नवनिर्माण मंच के संयोजक उपेंद्र कुशवाहा ने जिला प्रशासन के इस कदम को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा था कि लोकतंत्र में लोक आवाज दबाना तनाशाही है. उन्होंने कहा था रैली का आयोजन करना भारत की जनता का मूलभूत अधिकार है और उस पर प्रशासन की तरफ से बहाना बना कर रोक लगाना, हमारे अधिकारों का अपमान है.

नवनिर्माण मंच ने माना था कि यह जनता दल यू की नेतृत्व वाली सरकार की लोक आवाज से घबराने की निशानी है. कुशवाहा ने बिहार की जनता की मांगो का सम्मान करते हुए जद यू के राज्यसभा की सदस्यता की कुर्बानी दे दी थी.

मंच ने जिला प्रशासन के इनकार के बावजदू गांधी मैदान में ही 3 मार्च को रैली करने की घोषणा कर दी और सरकार व प्रशासन को चुनीती दे डाली थी कि वह रैली को रोक कर दिखाये.
लेकिन जिला प्रशासन ने अब 3 मार्च को रैली आयोजित करने की स्वीकृति दे दी है. जिला प्रशासन के सूत्रों ने नौकरशाही डॉट इन से भी इस बात की पुष्टि की है.

नवनिर्माण मंच के नेता उपेंद्र कुशवाहा पिछले दो महीने से राज्य के एक एक जिला का दौरा कर रैली के आयोजन और नयी राजनीतिक पार्टी के गठन के लिए जनमत बनाने में लगे हैं. कुशवाहा आम जनता से मिले आपार समर्थन से खासा उत्साहित हैं. उन्होंने कहा “जनता मौजूदा सरकार के छलावे और नौकरशाही के भ्रष्टाचार से तंग आकर मजबूत विकल्प की तलाश कर रही है ऐसे में जनता की भावनाओं के अनुरूप हमलोग मजबूत विकल्प की तैयारियों में जुट गये हैं”.

हालांकि जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में रैली की स्वीकृति दे दी है लेकिन नवनिर्माण मंच के नेताओं को आशंका है कि विभिन्न जिलों मे सरकार और प्रशासन के सांठगांठ से लोगों को रैली स्थल तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न की जा सकती है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “हमें कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि नवनिर्माण मंच की रैली से संबंधित बैनरों और पोस्टरों को फाड़ा जा रहा है, यह जनता की स्वाभाविक आवाज को दबाने की साजिश है”.

कुशवाहा ने नवनिर्माण मंच के कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वह किसी तरह के उकसावे में आये बिना रैली को सफल बनाने के अपने प्रयास को और मजबूत करें.
नवनिर्मण मंच के नेताओं को भरोसा है कि 3 मार्च को 2 लाख लोग पटना के गांधी मैदान में पहुंचेंगे.

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