नही रहे साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष पं शिवदत्त मिश्र

साहित्य समाज में दुःख की लहरसम्मेलन में आयोजित हुई शोकसभा

शिवदत्त मिश्र

पटना२५ अप्रैल। वरिष्ठ साहित्यसेवीपत्रकार और बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष पं शिवदत्त मिश्र नही रहे। आज तड़के पटना के एक निजी अस्पताल मेंउन्होंने अपनी अंतिम साँस ली। वे हिंदी त्रैमासिक पत्रिका सनातन भारत‘ के संपादक तथा अनेक पुस्तकों के रचयिता भी थे। उपभोक्तासंरक्षण अभियान और उपभोक्ता आंदोलन के बिहार में वे प्रणेता माने जाते थे। उपभोक्ताआंदोलन के विषय पर भी उन्होंने बहुत कुछ लिखा। समाचारपत्रों में स्तंभलेखन तथा अन्य जागरूकता आलेखों के साथ इस विषय पर उन्होंने अंग्रेज़ी और हिंदी में पुस्तकें भी लिखीं। उनके निधन से साहित्यिक और प्रबुद्ध समाज में गहरा दुःख है।

पं मिश्र के निधन की सूचना मिलते हीं साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ अन्य साहित्यकारों के साथ पं मिश्र के ३४४ रेंटल फ़्लैट कंकडबाग स्थित उनके आवास पर जाकर उनकी विधवा और विदुषी महिला चंदा मिश्र तथा अन्य परिजनों से मिलकर शोकसंतप्त परिवार को अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की तथा ढाँढस बँधाया। उनके साथ सुप्रसिद्ध कवि सुनील कुमार दूबेकवि राज कुमार प्रेमीनेहाल सिंह निर्मल‘ आदि साहित्य सेवी उपस्थित थे।

आज हीं संध्या ६ बजे डा सुलभ की अध्यक्षता में सम्मेलनसभागार में एक शोकसभा भी आयोजित हुईजिसमें उपस्थित बड़ी संख्या में साहित्यसेवियों ने उन्हें एक समर्पित साहित्यकार‘ के रूप में स्मरण किया। डा सुलभ ने कहा किउनके निधन से हिंदी साहित्य को बड़ी क्षति तो पहुँची ही हैइनकी व्यक्तिगत क्षति भी हुई है। साहित्य सम्मेलन के उद्धार के आंदोलन में पं शिवदत्त मिश्र का अप्रतिम सहयोग रहा था। रोग से पीड़ित होने के बाद भी वे किसी भी प्रकार के श्रम से पीछे नहीं हटते थे। संघर्ष के हर क्षण में उन्होंने निर्भिकता से आंदोलन का साथ दिया तथा तन,मन,धन से साहित्य और सम्मेलन की सेवा की। हमें उनकी कमी सदा खलती रहेगी। उनको लेकर हमारे हृदय का एक कोना सदैव रिक्त रहेगा।

शोकसभा मेंसम्मेलन के उपाध्यक्ष नृपेंद्र नाथ गुप्तडा कल्याणी कुसुम सिंहयोगेन्द्र प्रसाद मिश्रकवि राज कुमार प्रेमीओम् प्रकाश पाण्डेय प्रकाश‘, डा सुधा सिन्हाबच्चा ठाकुरसुनील कुमार दूबेडा अर्चना त्रिपाठीसागरिका रायडा शालिनी पाण्डेयडा विनय कुमार विष्णुपुरीडा नागेश्वर यादवकवि गणेश झाडा अमरनाथ प्रसादपूजा ऋतुराजकृष्ण रंजन सिंहप्रो सुशील झाडा रामदास राहीपंकज प्रियमआनंद किशोर मिश्रकुमारी मेनकाप्रेम लता सिंहराजेंद्र राजपरवीर कुमार पंकजअर्जुन प्रसाद सिंहसंजीव कर्णडा कामेश्वर प्रसादसीता सिंहराज किशोर राजविजय कुमार तिवारीचंद्रभूषण प्रसादविश्वमोहन चौधरी संतउमाशंकर सिंहनरेंद्र देव आदि साहित्यसेवियों ने अपनी श्रद्धांजलि दी। सभा के अंत में दो मिनट मौन रहकरदिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।

आज हीं संध्या गुल्बी घाट पर उनकी अंत्येष्ठि संपन्न हुई। इसके पूर्व उनका पार्थिव शरीरसम्मेलन परिसर में लाया गयाजहाँ सम्मेलन अध्यक्ष समेत सभी साहित्यकारों ने पुष्पांजलि दी।

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