निजी अस्पतालों की लूट, मनमानी व आर्थिक दोहन के खिलाफ अमानुल्लाह अनशन पर अडिग

निजी अस्पतालों और डॉक्टरों द्वारा मरीजों के आर्थिक दोहन, पैसों की लूट, मनमानी, महंगी दवा और बेजरूरत जांच के खिलाफ पूर्व मंत्री परवीन अमानुल्लाह जनजागरूकता  फैलाने के पहले चरण के बाद अब अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठ रही हैं.

आंदोलन पर आमादा अमानुल्लाह

आंदोलन पर आमादा अमानुल्लाह

उनका अनशन एक दिसम्बर से पटना में शुरू हो रहा है. उन्होंने कहा है कि डाक्टरों और निजी अस्पतालों और नरसिंह होम की लूट तब तक बंद नहीं हो सकती जब तक कि सरकार क्लिनिलकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2013 लागू नहीं करती. उन्होंने जोरदार लहजे में सरकार से मांग की है कि निजी अस्पतालों की लूट बंद करने के लिए सरकार इस ऐक्ट को लागू करे.

डाक्टरों और निजी अस्पतालों की इस लूट से आम जन त्रस्त हैं इसलिए परवीन अमानुल्लाह की इस आवाज पर उन्हें जनता का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है. अपने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए परवीन अमानुल्लाह पिछले एक पखवाड़े से पदयात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने अस्पतालों की मनमानी और मरीजों से पैसे लूटने के खिलाफ जोरदार जनजागरूकता अभियान चलाया है.

 

परवीन अमानुल्लाह का कहना है कि निजी अस्पताल मरीजों को जबरन महंगी दवायें लेने पर मजबूर करते हैं जिसके द्वारा वह भारी कमिशनखोरी करते हैं. इसी तरह मरीजों को आईसीयू में गैरजरूरी तरीके से रख कर मोटा बिल बनाते हैं और गैरजरूरी जांच करवा कर उन से हजारों रुपये ऐंठते हैं. उन्होंने मांग की है कि तमाम आईसीयू और ऑपरेशन थियटर में सीसीटीवी कैमरा लगाना चाहिए ताकि मरीज के रिश्तेदार अपने मरीज की स्थिति को पल-पल देख सकें. उन्होंने कहा कि इंफेक्शन लगने का बहाना बना कर अस्पताल मरीजों के रिश्तेदार को अंदर नहीं जाने देते और  इसी बहाने उनका खूब आर्थिक दोहन किया जाता है.

परवीन अमानुल्लाह इन्हीं तमाम मुद्दों के मद्देनजर एक दिसम्बर से अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ रही हैं.

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