नीतीश कुमार बतायें, विकास हुआ तो क्‍यों भूख से मर रहे बच्‍चे : तेजस्‍वी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने आज बक्‍सर में भूख से हुई दो बच्‍चों की मौत पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा. तेजस्‍वी ने कहा कि विकास अगर हुआ तो भूख से मौत क्यों हुई. ये कैसा विकास है इसका नीतीश कुमार जवाब दे. उन्‍होंने कहा कि इन दोनों बच्चियों की मौत का जिम्‍मेदार नीतीश सरकार है.

नौकरशाही डेस्‍क

तेजस्‍वी ने कहा कि राजद की कमिटी ने जाकर पूरे मामले की जांच की है. दोनों बच्चियों की मौत भूख के कारण ही हुई है. उन्‍होंने कहा कि इन दो मौतों के लिये बिहार की डबल इंजन की सरकार जिम्मेदार हैं सीएम नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं. उन्‍होंने ये भी कहा कि मौत के बाद सरकार मना करती रही लेकिन अगर भूख से मौत नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को 20 किलो चावल और गेहूं प्रशासन ने क्यों दिया.

पूर्व उपमुख्‍यमंत्री ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही ये मौत हुई है. सरकार ने बच्ची के पिता को गलत तरीके से जेल में बंद कर रखा है उसके पास इतने भी पैसे नहीं कि वो अपना जमानत करा सके. जो आदमी जेल में है उसकी बच्ची की मौत बड़ा गुनाह है. परिवार का राशन कार्ड बना हुआ है पर पिछले 10 सालों से अनाज नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले को जिला प्रशासन गलत साबित करने में लगा रहा और महिला का गलत तरीके से अंगूठे का निशान लिया गया ताकि साबित कर सके कि उन्हें आनाज मिल रहा था.

मालूम हो कि तेजस्‍वी से पहले महागठबंधन की ओर से हम पार्टी के नेता सह पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी और राजद के पूर्व सांसद भी उस बच्चों के परिजनों से मिल चुके हैं, जिनकी मौत भूख से हो गई. इस दौरान उन्‍होंने भी नीतीश कुमार को इसके लिए दोषी ठहराया था.

बता दें कि तेजस्‍वी यादव बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी नीतीश सरकार पर लगातार हमला करते रहते हैं. अभी हाल में ही उन्‍होंने कहा था कि ‘मॉब लिंचिंग का हब बना बिहार. प्रदेश में चहुँओर अराजकता का माहौल है. बलात्कार, अपहरण, मर्डर, लूट, मॉब लिंचिंग से हाहाकार मचा हुआ है. सरकार कुर्सी के बँटवारे में लगी हुई है. क़ानून व्यवस्था समाप्त हो चुकी है. प्रखंड से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय तक भ्रष्टाचार का बोलबाला है. सरकारी कार्यालयों में विशेष RCP टैक्स चुकाये बिना आप पैर भी नहीं रख सकते. जिस मुख्यमंत्री में लोकशर्म ही नहीं बची हो उसे क्या-कुछ कहें?’

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