नीलगायों को गोली मारिए1500 रुपये भी लीजिए

भले ही जंगली जानवरों को मारना भारत में कानून अपराध है पर आप बिहार में नील गायों को मार भी सकते हैं और बदले में 1500 रुपये की सहायता राशि भी ले सकते हैं.

वन एंव पर्यावरण विभाग के सचिव दीपक कुमार सिंह का कहना है कि अगर आप अपने लाइसेंसधारी बंदूक से नील गाय को मारते हैं तो सरकार आपको उसके लिए खर्च होने वाली बंदूक की गोली की कीमत 500 रुपये देगी.इतना ही नहीं नील गाय को मारने के बाद उसे दफ्न करने के लिए भी सरकार आप को अलग से एक हजार रुपये भी देगी.

लेकिन नील गाय को मारकर उसे दफ्न करने से पहले आप को यह साबित करना पड़ेगा कि नील गायों के उत्पात से आपकी फसल को नुकसान पहुंचा है.

बिहार स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने यह अनुमति प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को दी है.बोर्ड के समक्ष यह शिकायत काफी दिनों से लम्बित थी कि नील गायों के उत्पात से बड़े पैमाने पर फसल नष्ट हो जाती है.

इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों से कहा था कि वह नुकसान करने की स्थिति में, नीलगायों को मार सकते हैं, लेकिन अब बाजाब्ता तौर पर किसानों को इसकी अनुमित मिल गई है.
मालूम हो कि वैशाली के गंगा दीयारा इलाके के अलावा छपरा और गोपालगंज जिलों में नील गायों का झुंड आ कर खड़ी फस्लों को रौंद डालता है जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है.

तो अब सवाल उठता है कि क्या सरकार को इसके लिए बहुत खर्च उठाना पड़ेगा. दीपक कुमार सिंह का कहना है कि “मुझे नहीं लगता कि नील गायों को आसानी से मारा जा सकेगा क्योंकि ये बड़ी तेज गति से भागती हैं”.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया.यह फैसला जंगली जानवरों के आक्रमण से होने वाली मौत को लेकर है.बोर्ड ने फैसला किया है कि जंगली जानवरों के आक्रमण से अगर किसी आदमी की मौत हो जाती है तो उसके परिजन को दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी.अब तक यह रकम एक लाख रुपये थी.

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