नेशनल क्राइम रिकार्ड तो कहता है बिहार से ज्यादा अपराध दूसरे प्रदेशों में

-अपराध के आंकड़े पर राज्य सरकार ने केंद्र को घेरा
नौकरशाही डेस्क, पटना

नेशनल क्राइम रिकार्ड तो कहता है बिहार से ज्यादा अपराध दूसरे प्रदेशों में

नेशनल क्राइम रिकार्ड तो कहता है बिहार से ज्यादा अपराध दूसरे प्रदेशों में

बिहार से ज्यादा अपराध तो बीजेपी शासित प्रदेशों में है, आप उसकी बात क्यों नहीं बताते? क्या नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो बिहार सरकार की इकाई है? क्या कोई ऐसा तंत्र है जो अपराध और अापराधिक घटनाओं को पूरी तरह कंट्रोल कर सके. दुनिया के किसी हिस्से में ऐसा तंत्र विकसित नहीं हो सका है. अभी अभी दुनिया की सबसे तेज तर्रार पुलिस कही जाने वाली स्कॉटलैंड यार्ड को भी आतंकियों से लोहा लेना पड़ा. अपराध की घटनाओं पर कार्रवाई होना सबसे महत्वपूर्ण है, जो बिहार में हो रहा है. अपराध की बढ़ती घटनाओं पर सरकार की ओर से यह जवाब विधान परिषद में मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने दिया. उन्होंने दिलीप जायसवाल के महीने वार अपराध के आंकड़ों पर कहा कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़े ताे केंद्र सरकार जारी करती है ना. उसमें बिहार कहां है? केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली का क्या हाल है? यह ना बताया जाये. इसके पहले जदयू पार्षद नीरज कुमार ने भी नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो में दर्ज भाजपा शासित प्रदेशों के आंकड़े को विस्तार से बताया. बिजेंद्र यादव ने कहा कि अब तो क्राइम के नये तरीके भी आये हैं. साइबर क्राइम, आतंकवाद, नक्सलवाद, अंतर्राष्ट्रीय अपराध और भी बहुत कुछ है. हमने वह दौर भी देखा है जब कार्तिक और चैत के महीने में बिहार में अपराध बढ़ जाते थे. इसका कारण यह था कि अनाज घरों में आता था. गृहभेदन की घटनाएं, चोरी डकैती हुआ करती थी.

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