नौकरशाहों की अदूरदर्शिता से बिहार रहा परेशान, राशन कार्ड के लिए मचा घमासान

पूरे बिहार में नौकरशाहों की अदूरदर्शिता के कारण अव्यवस्था की शिकार सैंकड़ों महिलाएं रोज हो रही हैं. भूखे-प्यासे अपने बच्चे के साथ आ रही महिलाओं को राशन कार्ड के बदले पुलिस की धक्का-मुक्की नसीब हो रही है.

राशन कार्ड के लिए धक्का-मुक्की झेलते लोग

राशन कार्ड के लिए धक्का-मुक्की झेलते लोग

नौकरशाही ब्यूरो

प्रदेश के कई जिलों में एक सप्ताह से भारी अव्यवस्था फैल रही है. कहीं आवेदन देने पहुंची सैंकड़ों महिलाओं पर पुलिस हल्का बल प्रयोग कर रही थी तो कभी भागाभागी की स्थिति बनी और महिलाएं अपने बच्चे के साथ जमीन पर गिर पड़ रही थी. पहले जमुई में खूब हंगामा हुआ और इसके बाद एक सप्ताह से पटना में सरकार की नाक के नीचे यह सब होता रहा. सोमवार को हद ही हो गयी जब पटना कलेक्ट्रेट में भगदड़ मच गयी. महिलाओं का कहना था कि वह पिछले तीन सप्ताह से आवेदन देने पहुंच रही हैं. हर बार 200 रुपये खर्च होते हैं. भूखे-प्यासे कतार में लगती हैं, लेकिन उनका आवेदन तक स्वीकार नहीं किया जाता.
भीड़ उमड़ी तो गेट किया बंद
राजधानी में सोमवार को भीड़ उमड़ते ही आरटीपीएस परिसर का गेट बंद कर दिया गया. जिसके बाद आक्रोशित भीड़ गेट तोड़ अंदर जाने की कोशिश करने लगे. इस दौरान पुरुष सुरक्षाकर्मी से महिला आवेदकों के साथ भिड़ंत भी हुई. बच्चे भूखे रो रहे थे. रामनगर से आयी पूनम देवी कहती हैं कि व्यवस्था के नाम पर जुल्म किया जा रहा है. मेरा छह महीना का बच्चा सुबह से भूखा है, रो रहा है. चार बच्चे को घर पर अकेला छोड़कर आये हैं, पर आवेदन तक नहीं जमा लिया जा रहा है.
काम-धंधा छोड़ आ रही महिलाएं
संपतचक बैरिया से आयी किरण देवी बताती हैं कि वह किसानी मजदूर हैं. एक दिन में 100 रुपये कमाते हैं. पिछले तीन बार से आ रहे हैं. 600 से ज्यादा खर्च हो चुका है पर आवेदन तक जमा नहीं हो पा रहा है. वहीं, नयाचक की आरती देवी ने कहा कि यहां भीड़ पूरी तरह अव्यवस्थित है. सुबह 6 बजे ही समाहरणालय आये हैं, तीन बजे तक भी काउंटर पर नहीं पहुंचें.
समस्या फरवरी से ही बनी हुई है
यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी है. हर रोज इस तरह के दृश्य देखने को मिलते हैं लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से कोई ठोस योजना नहीं बनायी गयी है. समाधान के नाम पर गांवों का रोस्टर बना दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं होने से दूसरे गांव वाले भी पहुंच रहे हैं.
दिसंबर 2016 में बदली गयी थी प्रक्रिया
सामान्य प्रशासन विभाग ने दिसंबर 2016 में राशन कार्ड के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया में बदलाव किया था. 30 दिसंबर को जारी अधिसूचना के तहत बिहार लोक सेवाओं के अधिकार में संसोधन किया गया था. इसमें तीन नई सेवाओं को जोड़ा गया था जिसमें नया राशन कार्ड बनाना, राशन कार्ड में संसोधन करना और राशन कार्ड को रद्द करना शामिल था. इसी के तहत अनुमंडल में आवेदन लिये जो रहे थे जिसमें काफी भीड़ उमड़ रही थी.

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