पटना के अधिकारियों को लिखकर देना होगा कि राजधानी में नहीं होगा जलजमाव

– प्रमंडलीय आयुक्त ने पटना नगर क्षेत्र में जल जमाव व जिले में बाढ़ की पूर्व तैयारी को लेकर की समीक्षा बैठक, 24 घंटे काम करें नगर निगम का कंट्रोल रूम, जल निकासी के लिए रहे तैयार
पटना

पटना के अधिकारियों को लिखकर देना होगा कि राजधानी में जलजमाव नहीं होगा. बांकीपुर, कंकड़बाग, न्यू कैपिटल एवं पटना सिटी के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अनुमंडल पदाधिकारी के साथ अपने-अपने अंचल का संयुक्त निरीक्षण करें एवं दो दिनों के अंदर यह सत्यापन प्रमाण पत्र समर्पित करे कि जल जमाव की समस्या से निजात के लिए उनके क्षेत्र में सभी नालों की उड़ाही, संप हाउस एवं पानी निकासी गेट की मरम्मति, सहित अन्य अपेक्षित कार्य को पूरा कर लिया गया है. तथा इस वर्ष मानसून में उनके क्षेत्र में जल जमाव की समस्या नहीं रहेगी. आयुक्त द्वारा स्पष्ट किया गया के संयुक्त निरीक्षण के उपरांत अगर कोई कार्य किया जाना अपेक्षित प्रतीत होता हो, तो उसके संबंध में प्रतिवेदन दें साथ ही कब तक उसे पूर्ण कर लिया जायेगा इस संबंध में भी सूचित करें. ये बातें प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने बुधवार को पटना नगर क्षेत्र में जल जमाव की समस्या के साथ-साथ जिले में बाढ़ की पूर्व तैयारी को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहीं. उन्होंने पदाधिकारियों को सतर्क रहने, लगातार निरीक्षण करने एवं आपदा की संभावनाओं की दृष्टि से अपेक्षित कार्यों को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया है. आयुक्त ने सभी अंचलाधिकारी को निदेश दिया कि सभी तटबंधों की निगरानी होम गार्ड के माध्यम से सुनिश्चित करायें तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखें.
बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा, जिसे किया जा चुका है पूरा
– पटना नगर क्षेत्र में जल जमाव की समस्या तथा उसके निबटने के लिए अंचलवार किये गये कार्यों पर चर्चा हुई. इस दौरान नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि नगर क्षेत्र के 96 प्रतिशत नालों की उड़ाही कर ली गई है, साथ ही सभी 75 वार्ड में भी उड़ाही का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. नगर आयुक्त ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बाकरगंज नाले की उड़ाही मैनुअली करायी गयी है. उन्होंने कहा कि बेउर से मीठापुर तक राष्ट्रीय उच्च पथ के उत्तर में एनएचएआइ द्वारा निर्मित नाला को चौड़ा किया गया है. साथ ही मीठापुर से नंदलाल छपरा तक नाला की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है. पटना नगर क्षेत्र के सभी 38 संप हाउस (पाटलीपुत्र संप हाउस मिलाकर) पूरी तरह कार्यरत हैं, जिससे 10500 एमएलडी वाटर डिस्चार्ज की क्षमता है.
– नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि अगर 60 एमएम तक की वर्षा होती है तो देढ़ घंटे के अंदर जल की निकासी कर ली जायेगी तथा अगर 100 एमएम की वर्षा होती है तो तीन से चार घंटे के अंदर जल निकासी संभव हो सकेगी.
– प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य जल पर्षद द्वारा बताया गया कि सभी पानी निकलने के गेट की मरम्मति कर ली गयी है. पाटलीपुत्र पानी निकलने वाला गेट की मरम्मति 30 जुलाई तक पूर्ण किया जायेगा और इस अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मोटर लगाकर जल निकासी सुनिश्चित करायी जायेगी.
– नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जो नगर निगम में बाद में शामिल किये गय हैं, उन क्षेत्रों में नाला का निर्माण नहीं हो सका है. उन क्षेत्रों में संरचनात्मक कमियों के कारण जल जमाव की समस्या रहती है. उन स्थानों से जल निकासी के लिए 44 पोर्टेबुल पंप भी रखे गये हैं, जिसका उपयोग आवश्यकतानुसार किया जायेगा.

प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को दिया निर्देश
– बादशाही पईन की दशकों पुरानी समस्या का चरणबद्ध तरीके से निदान किया गया है. कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग अनिसाबाद अंचल द्वारा बताया गया कि चमन चक से नंदलाल छपरा तक का क्षेत्र जहां बादशाही पईन अवरूद्ध था उसे काट कर मिला दिया गया है साथ ही साथ निर्देश के आलोक में बादशाही पईन के अन्य क्षेत्र जहां प्रवाह अवरूद्ध है उसे भी एक सप्ताह के अंदर काट कर जल के प्रवाह को सुनिश्चित कराया जाये. उन्होंने बताया कि नंदलाल छपरा के नजदीक किसी व्यक्ति द्वारा पईन के जमीन पर शौचालय एवं अन्य संरचना बना दिया गया है, जिससे प्रवाह प्रभावित हो सकता है. आयुक्त पटना ने अंचलाधिकारी पटना सदर को निर्देश दिया कि नियंत्रण कक्ष से दंडाधिकारी एवं दल के साथ जाकर सात जुलाई को उक्त अवैध संरचना को ध्वस्त कर दें ताकि बादशाही पईन का प्रवाह निरंतर बना रहे.
– नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि पहाड़ी पर स्थित संप हाउस के इंलेट के नजदीक एक पुलिया का निर्माण करा दिया गया है, जिससे जल निकासी में परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि इस पुलिया के स्थान पर आरसीसी कल्वर्ट बनाने की अनुमति नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा दी गयी है. इसके बाद आयुक्त, पटना ने कार्यपालक पदाधिकारी सिटी अंचल, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सिटी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सात जुलाई तक पुलिया को तोड़ना सुनिश्चित करें. साथ ही नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया कि पुलिया के स्थान पर आरसीसी कल्वर्ट बनाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ करें.
– आयुक्त ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से गंगा सुरक्षा दीवाल तथा जिन क्षेत्रें में दीवाल टूटा है उन क्षेत्रों में कृत कार्रवाई के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली. कार्यपालक अभियंता गंगा बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल द्वारा बताया गया कि गंगा सुरक्षा दीवाल में 102 स्थानों पर खुला है, जिसमें से आठ स्थान ऐसे हैं जो गंगा के खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ही ऊपर हैं. शेष 94 स्थल ऐसे हैं, जो गंगा के खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर हैं. आयुक्त ने वैसे 08 स्थान जो गंगा के खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ही ऊपर हैं, पर अपेक्षित मरम्मति का कार्य 20 जुलाई तक तथा शेष 94 स्थलों पर अक्टूबर, 2017 तक अपेक्षित कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया है.
– पटना नगर निगम के सभी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिलाधिकारी के स्तर से प्रतिनियुक्त एक-एक पदाधिकारी के साथ संयुक्त रूप से गंगा नदी में सीधे गिरने वाले नालों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित कराये कि पानी बढ़ने की स्थिति में उन नालों से पानी वापस शहर की ओर न आये.
– ग्रमीण क्षेत्र में संभावित बाढ़ के स्थिति के आलोक में आयुक्त द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले जमींदारी बांध का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर आज की बैठक में उपस्थित होने का दिया गया निर्देश.
– आयुक्त द्वारा अंचलवार सभी तटबंधों की भौतिक स्थिति की समीक्षा की गयी. मोकामा अंचल के मोर पंचायत में पूर्व से निर्मित स्थानीय तटबंध कमजोर है. आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को मनरेगा योजना से इसकी मरम्मति कराने का निर्देश दिया है. पंडारक के लालपूरा में दो दिनों के अंदर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग को दिया गया. बाढ़ अंचल के परिसर के पीछे, अठनावां तथा मसत्तू में भी मरम्मति का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को दिया गया. बेलछी के गोरिहारी तथा बख्तियारपुर के सिरसी जमीनदारी बांध का मरम्मति का कार्य चल रहा है. आयुक्त ने 10 जुलाई तक कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया है.
– फतुहां के पुनपुन तटबंध के दौलतपुर एवं भगवानपुर गांव में योजनाएं स्वीकृत हो गयी हैं. आयुक्त ने एक सप्ताह के अंदर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है. वहीं संपतचक, धनरूआ, खुशरूपुर, अथमलगोला में भी जमीनदारी बांध तथा अन्य महत्वपूर्ण बांध के मरम्मति का कार्य शीघ्र करने के लिए कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया है. आयुक्त ने इस संबंध में प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग को भी पत्र लिखकर योजनाओं की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया है.
– कार्यपालक अभियंता दीघा प्रमंडल द्वारा बताया गया कि उनके केंद्रीय गोदाम में 24 लाख खाली बैग हैं तथा दो लाख बैग भरने के लिए पर्याप्त बालू भी स्टोर कर रखा गया है. साथ ही साथ अन्य प्रमंडलों में भी पर्याप्त संख्या में बालू के बोरे एवं बालू उपलब्ध हैं.

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