पटना ब्लास्ट: पवन, विकास, गणेश व गोपाल को एनआईए ने दबोचा

पटना ब्लास्ट के बाद पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए पाकिस्तानी संगठन से लेनदेन करने वाले पवन, विकास, गणेश प्रसाद व गोपाल गोयल को गिरफ्तार कर लिया.

पनवन कुमार (साभार जागरण)

पनवन कुमार (साभार जागरण)

पुलिस इस बात की जांच में जुट गयी है कि पट्ना ब्लास्ट में हवाला के जरिय आये इन पैसों का उपयोग पटना ब्लास्ट में तो नहीं किया गया है.

लखीसराय के पवन कुमार, विकास कुमार, गणेश प्रसाद और गोपाल गोयल के पास से 20 एटीएम कार्ड, दस सिम कार्ड दो दर्जन से अधिक पासबुक जब्त किया गया है. इन चारों का आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से संबंधों की पड़ताल पुलिस कर रही है. इनके विरुद्ध मामले दर्ज किये गये हैं. इसके अलावा पुलिस ने इस मामले में पाकिस्तान के इब्राहीम खान और मंगलोर के आयशा बानो के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है.

विकास( फोटो जागरण)

विकास( फोटो जागरण)

इस मामले में लखीसराय के डीएसपी सुबोध कुमार बिस्वास ने कहा कि ये लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सम्पर्क में थे और इन्हें पाकिस्तान से मोटी रकम भेजी जाती थी और इन पैसों का उपयोग युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए करते थे. यह मामला कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन महीने में पाकिस्तान से एक करोड़ रपुये का ट्रांजेक्शन किया गया है. लखीसराय के डीएसपी का कहना है कि बैंकों में पाकिस्तान से पैसे दिये जाने के बाद इसकी सूचना एसएमएस के जरिये गोपाल गोयल को दी जाती थी जिसमें इस बात का उल्लेख किया जाता था कि कितने पैसे किसे पहुंचाना है.

गणेस ( फोटो जागरण)

गणेस ( फोटो जागरण)

पटना ब्लास्ट की जांच के सिलसिले में हुई प्रगति के बाद लखीसराय पुलिस को इस मामले में एनआईए से सूचना प्रापात हुई थी. इन चारों की गिरफ्तारी के बाद एनआईए की जांच में एक नया मोड़ आ गया है. क्योंकि पुलिस का कहना है कि यह पाकिस्तान से यह अवैध लेनदेन का खेल कई वर्षों से चल रहा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पटना ब्लास्ट में इन पैसों के उपयोग से इनकार नहीं किया जा सकता. क्योंकि पटना ब्लास्ट के बाद पकड़े गये लोगों ने स्वीकार किया था कि गांधी मैदान में बम रखने के एवज उन्हें दस –दस हजार रुपये दिये गये थे.

गोपाल (फोटो जागरण)

गोपाल (फोटो जागरण)

इन चारों कथित आतंकियों को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

मालूम हो कि गत 27 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली से पहले लगातार चार सीरियल ब्लास्ट हुए थे जिसमें छह लोगों की मौत हो गयी थी और 90 लोग घायल हुए थे. इसके बाद इस विस्फोट की जांच आतंक विरोधी जांच एजेंसी एनआईए को दे दिया गया है. एन आईए के इनपुलट पर किये गये इन चार लगों की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.

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