पत्रकारों के दबाव पर डीजीपी ने जारी किया अपना फोन

पत्रकारों के दबाव पर डीजीपी ने जारी किया अपना फोन

सुबह मुख्यमंत्री पत्रकारों के सवाल पर नाराज हुए। सवाल था अपराध कैसे रुके, डीजीपी फोन ही नहीं उठाते। शाम होते-होते डीजीपी ने जारी किया नंबर।

आज सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब एक कार्यक्रम में पहुंचे, तो पत्रकारों ने बढ़ते अपराध पर सवाल किए। सवाल सुनते ही मुख्यमंत्री आगबबूला हो गए। पत्रकारों ने यह भी शिकायत की कि आपकी सरकार में पुलिस प्रशासन से बात करना मुश्किल है। डीजीपी किसी का फोन ही नहीं उठाते। एक पत्रकार ने यहां तक कहा कि आप खुद फोन करके देख लीजिए। इसके बाद शाम होते-होते डीजीपी ने तीन नंबर सार्वजनिक किए।

आज शाम को डीजीपी एसके सिंघल के तीन नंबर पत्रकारों के लिए जारी किए गए। ये नंबर हैं-9431602302, 0612-2294301, 2294302। अब इन नंबरों पर कोई भी फोन करके अपराध होने की जानकारी दे सकता है, साथ ही पहले हो चुके अपराध में अबतक क्या कार्रवाई हुई, इस बाबत भी सवाल कर सकता है।

समझा जा सकता है कि सुबह पत्रकारों के सवाल पर बेहद खफा हुए नीतीश कुमार के निर्देश के बिना ये नंबर जारी नहीं किए गए। नंबर जारी होने से न सिर्फ पटना, बल्कि राज्य के किसी भी जिले से कोई व्यक्ति फोन कर सकता है।

नीतीशजी! सवाल पूछने पर आपा खोना,तानाशाही है या चिड़चिड़ापन?

सरकार ने फोन नंबर जारी तो कर दिया है, लेकिन देखना होगा कि इस फोन नंबर पर रिस्पांस भी मिलता है या नहीं। क्या खुद डीजीपी फोन उठाएंगे या कोई अन्य अधिकारी। रिस्पांस मिलता है, तो क्या वह संतोषजनक होगा, यह भी सवाल है। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ये नंबर सिर्फ सूचना को अग्रसारित करनेवावा नंबर न बन कर रह जाए। सरकार कई बार कई तरह के नंबर जारी करती है, लेकिन देखा गया है कि कुछ समय के बाद फोन करने पर रिंग होता रहता है, कोई उठाता ही नहीं अथवा जब फोन करिए, वह इंगेज ही बताएगा। इसीलिए इस फोन नंबर को कारगर बनाना चुनौती हेगी।  

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