पसमांदा सम्मेलन:आरक्षण का आधार धर्म न हो

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज ने सभी मुसलमानों को किसी भी आरक्षण की मांग का विरोध करते हुए कहा है कि बिहार में लागू कर्पूरी ठाकुर के आरक्षण फार्मूले को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाये.

कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि पर सम्मेलन

महाज ने रविवार को कर्पूरी ठाकुर की पच्चीसवीं पुण्य तिथि के अवसर पर पटना में “सियासत और पसमांदा मुसलमान” विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन किया.

इस अवसर पर पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता वसंत चौधरी, वंचित मोर्चा के अध्यक्ष किशोरी दास, सामाजिक कार्यकर्ता अशोक यादव के अलावा महाज के महासचिव उसमान हलाल खोर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इर्शादुल हक प्रदेश अध्यक्ष हिशामुद्दीन व संगठन सचिव हसनैन अंसारी के अलावा हाफिज इमामुद्दीन अंसारी ने भी अपने विचार रखे.

पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवकता वसंत चौधरी ने महाज की मांग की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज की उपेक्षा खत्म होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह हिंदू समाज में सामंतवादी शक्तियों ने पिछड़े सामाज का शोषण किया है उसी तरह का शोषण मुस्लिम समाज के सामंतवादी शक्तियों ने भी पसमांदा समाज का किया है. उन्होंने कहा कि पूंजी का समान वितरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी के बिना पसमांदा समाज को इंसाफ नहीं मिल सकता.

महाज के महासचिव उसमान हलालखोर ने पसमांदा आंदोलन को मजबूत करने की मांग की. वहीं मंच संचालन करते हुए हिशामुद्दीन अंसारी ने कहा कि महाज राज्य भर में सामाजिक जागरूकता अभियान को तेज करने का कार्यक्रम बना रहा है. इस अवसर पर वंचित मोर्चा के अध्यक्ष किशोरी दास ने सभी समुदायों के पिछड़े, अतिपिछड़े और दलित समाज का महामंच बना कर संघर्ष को तेज करने का सुझाव दिया.
महाज के उपाध्यक्ष इर्शादुल हक ने कहा कि धर्म के नाम के आधार पर पसमांदा महाज किसी भी आरक्षण का विरोध करता है, और भारत का धर्मनिरपेक्ष संविधान इसकी अनुमति भी नहीं देता इस लिए बिहार में लागू आरक्षण के कर्पूरी फार्मूले को देश भर में लागू किया जाना चाहिए.

सामाजिक कार्यकर्ता अशोक यादव ने कहा कि हिंदू,मुस्लिम, सिख ईसाई, आपस में हैं भाई भाई का नारा लगा कर सेक्यूलरिज्म की रक्षा का अभियान विफल साबित हुआ है. क्योंकि ऐसे नारों के द्वारा पिछड़ों और पसमांदा तबका के आंदोलन की धार को कुंद करने का प्रयास ज्यादा हुआ है.

उन्होंने कहा कि सेक्यूलरिज्म तभी मजबूत होगा जब पिछड़े, दलित और पसमांदा समाज को बराबरी का हक मिले.

इससे पहले सम्मेलन में आये लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री और समाजिक न्याय के पुरोधा कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि दी.

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