पूर्व नौकरशाहों पर चढ़ने लगा है राजनीति का भूत

लोकसभा चुनाव की घड़िया जैसे जैसे नजदीक आ रही है, पूर्व नौकरशाहों के सर पर भी राजनीति का जादू चढ़ कर बोलने लगा है. आरके सिंह,आरएस पांडे,धर्म सिंह और अब जैमिनी भगवती, गिनती जारी है

जैमिनी भगवती पिता के नक्शे कदम पर

जैमिनी भगवती पिता के नक्शे कदम पर

हाल ही में पूर्व गृहसचिव आरके सिंह और पूर्व पेट्रोलियम सचिव आरएस पांडेय भाजपा का दामन थाम चुके हैं. और अब खबर है कि ब्रिटेन में भारत के निर्वतमान उच्चायुक्त जैमिनी भगवती कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं और वह असम से लोकसभा चुना भी लड़ने वाले हैं.

जबकि आरके सिंह और पांडेय बिहार से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं.

जैमिनी भगवती हाल ही में ब्रिटेन के उच्चायुक्त के पद से रिटायर हुए हैं. वह उस परिवार से ताल्लुक रखते हैं जो राजनीति का अभिन्न अंग रहा है. जैमिनी भगवती, बिजोय चंद भगवती के बेटे हैं जो असम से न सिर्फ सांसद थे बल्कि जवाहरलाल नेहरू मंत्रिमंडल में मंत्री भी थे.

खबरें हैं कि जैमिनी जल्द ही कांग्रेस का दामन थामेंगे और काफी संभवाना है कि वह लोकसभा का चुनाव भी लड़ेंगे.

रिटायरमेंट के समय भगवती ने इस बात का इशारा भी दिया था. भगवती इसी वर्ष सितम्बर में रिटायर कर चुके हैं.
भगवती ने इन्ही बातों को लेकर हाल ही में असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से मुलाकात भी की है .

1976 बैचे के भारतीय विदेश सेवा यानी आईएफएस के अधिकारी रहे भगवती ने वित्तमंत्रालय में सेवायें देने के साथ साथ वर्ल्ड बैंक के लिए भी काम किया है. व ह बेल्जियम, लक्सनबर्ग में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं.

इससे पहले 1975 बैच के आईएएस अधिकारी आरके सिंह और 1972 बैचे के आईएएस आरएस पांडेय हाल ही में राजनीति का दामन थाम चुके हैं. ये दोनों पूर्व नौकरशाह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं.

आरके सिंह ने देश के गृहसचिव जैसे संवेदनशील पद से हाल ही में रिटायर किया है. सिंह के भाजपा में जाने पर कई लोगों को खासा आशर्चय हुआ था. राजनीति का दामन थामते समय आरके सिंह ने कहा था कि वह भारतीय जनता पार्टी में इस लिए शामिल हुए हैं क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर इसके स्टैंड काफी सख्त है.

एक और पूर्व नौकरशाह और रेलवे अधिकारी रहे धर्म सिंह ने भी राजनीति में प्रवेश करने के लिए भाजपा का दामन थाम लिया है.

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