पूसा कृषि विश्‍वविद्यालय को केंद्रीय विश्‍वविद्यालय का मिला दर्जा

केंद्र सरकार ने देशभर के पुलिस स्टेशनों को जोड़ने तथा अपराध और अपराधियों का राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने वाले अपराध और अपराधी ट्रेकिंग नेटवर्क (सीसीईए) को लागू करने की समयसीमा वर्ष मार्च 2017 तक बढा दी है। 

 

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्‍ली में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह कदम गृह मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार उठाया गया है। सरकार ने सीसीईए को लागू करने की सीमा मार्च 2017 तक बढा दी है । इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव की अवधि को भी वर्ष 2022 तक बढा दिया है।  इस परियोजना पर 2000 करोड रूपये की लागत आयेगी जिसमें से 878 करोड रूपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है जबकि शेष राशि इसे लागू करने की अवधि के दौरान जारी की जायेगी। यह प्रोजेक्ट सरकार की स्मार्ट पुलिस और डिजिटल इंडिया की अवधारणा को मूर्त रूप देने की दिशा में बड़ा कदम है।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने लिया निर्णय

उधर समस्तीपुर जिले में स्थित राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय में तब्दील करने के प्रस्‍ताव को भी मंजूरी दे दी।  सरकार इस विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने और अन्य सुविधाओं के विस्तार पर 295 करोड़ रुपये व्यय करेगी। इस विश्वविद्यालय में छह कॉलेज, सात अनुसंधान संस्थान और 11 कृषि विज्ञान केंद्र होंगे। इसके साथ ही यहां उत्कृष्ट प्रयोगशालाएं, आधुनिक उपकरण, पर्याप्त प्राध्यापक तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा मिल सके।

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