पैक्सों में सरकार बेचेगी गुड़, तीन नये सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक भी खुलेंगे

-सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने विधान परिषद् में दिया व्यक्तव्य
-पीडीएस के अनाज में 33 फीसदी अनाज बिहार के किसान का होगा
नौकरशाही ब्यूरो, पटना

सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने विधान परिषद् में दिया व्यक्तव्य

सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने विधान परिषद् में दिया व्यक्तव्य

राज्य सरकार ने जनहित में दो बड़े फैसले लिए हैं. सरकार राज्य के सभी पैक्सों में गुड़ बनाने का उद्योग स्थापित करेगी और इसके साथ ही सूबे में तीन नये सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक भी खोलेगी.
किसानों को गन्ना उत्पादन करने की वाजिब कीमत मिले इसके लिए सरकार ने पैक्सों में गुड़ उद्योग लगाने की यह योजना बनायी है. यह जानकारी सहकारिता मंत्री आलोक मेहता ने विधान पर्षद में अपने व्यक्त्वय के दौरान दी. मांग संख्या 9 पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चंपारण क्षेत्र में कई किसानों को गन्ने की उचित कीमत नहीं मिल रही है क्योंकि कम तौलने के कारण उन्हें काफी नुकसान हो रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही यह योजना बनायी है जिस पर काम शुरू होगा.
सुपाैल, दरभंगा और सारण में तीन नये सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक खुलेंगे
सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य में तीन नये सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक खुलेंगे. अभी सहकारी बैंकों की कुल संख्या 22 है जो बढ़कर 25 हो जायेगी. सुपाैल, दरभंगा और सारण में नये सहकारी बैंक नाबार्ड के माध्यम से खुलेंगे. इसके लिए आरबीआई को जल्द ही लाइसेंस प्रदान करने की अपील की गयी है. उन्होंने बताया कि कार्बाइड से पकने वाले फलों की जगह इथिलीन गैस से तैयार होने वाले फलों का पायलट प्रोजेक्ट हम बिदुपुर में लगाने जा रहे हैं. भागलपुर के नवगछिया में केला के रेशे से कपड़ा बनाने की फैक्ट्री लगाएंगे. वह भी पायलट प्रोजेक्ट होगा. आइसीडीपी योजना में 250 करोड़ रुपये से गांव में छोटे छोटे उद्योग लगाने के लिए ऋण दिये जायेंगे.
अमूल के बाद दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड है सुधा
मंत्री ने कहा कि आज देश भर में अमूल के बाद सुधा दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड है जो बताता है कि सहकारिता की क्रांति बिहार में किस कदर हुई है. आज यदि सुधा बंद हो तो दूध की कीमत नौ रुपये प्रति किलो हो जाये. हमने कृषि ऋण के एक हजार करोड़ के लक्ष्य को 125 फीसदी ज्यादा प्राप्त किया है. एक साल में धान खरीद से सारे बिचौलियों को बाहर कर दिया. अभी 13 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जो पिछले साल साढ़े 11 लाख मीट्रिक टन था. इस बार पीडीएस अनाज में 33 प्रतिशत अनाज बिहार का होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*