प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्‍टाचार पर अंकुश प्राथमिकता

मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने सेंटर फॉर गुडगवर्नेंस सोसाइटी, बिहार की पहली शासी निकाय की बैठक में कहा कि सरकार और जनता के बीच विश्‍वास पैदा करने में सोसाइटी की महत्‍वपूर्ण भूमिका है। प्रशासिनक पारदर्शिता, भ्रष्‍टाचार पर अंकुश और निर्णय प्रक्रिया को त्‍वरित बनाकर ही शासकीय योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

 

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों को पेपरलेस करने और कार्यालयों की बीच जटिल प्रकियाओं को सुगम और प्रभावी बनाने की नयी तकनीकी विकसित करनी होगी। सूचना तकनीकी इस दिशा में हमारी सहयोगी हो सकती है। अब सीएम के ईमेल पर भी लोगों की शिकायतें आ रही हैं और उन पर कार्रवाई हो रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि नयी तकनीकी का विस्‍तार तेजी से हो रहा है और उसका प्रचलन भी बढ़ रहा है। इसके साथ समन्‍वय करके ही सुशासन का लक्ष्‍य प्राप्‍त कर सकते हैं।

सेंटर फॉर गुडगवर्नेंस सोसाइटी, बिहार के महानिदेशक और सदस्‍य सचिव अशोक कुमार सिन्‍हा ने यह बैठक आयोजित की थी। उन्‍होंने बताया कि प्रशासनिक कार्यवाही और प्रक्रिया को अधिक सुगम, तीव्र और विश्‍वसनीय बनाने का निर्देश मुख्‍यमंत्री ने दिया है। इसका उद्देश्‍य है कि निर्णय लेने में मदद मिल सके। मुख्‍यमंत्री ने टेंडर और क्रियान्‍वयन को पारदर्शी बनाने को कहा है। इसके सा‍थ टेंडर से जुड़ी जानकारी को भी एकत्र करने और सूचीबद्ध करने को कहा है। इस मौके कई वरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।

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