प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को विधान सभा तक पहुंचाया!

पटना जिला प्रशासन ने राजधानी को जाम से मुक्ति के लिए प्रद्रर्शनकारियों, आंदोलनकारियों और धरनार्थियों को आर ब्‍लॉक चौराहे से हटाकर गर्दनीबाग थाने के पास पहुंचा दिया है। धरना-प्रदर्शन के लिए एक नंबर रोड से आरओबी तक जगह तय कर दिया है। लेकिन इस व्‍यवस्‍था ने विधान सभा की सुरक्षा को ही खतरे में डाल दिया है।2

वीरेंद्र यादव

 

विधान सभा की सुरक्षा को खतरा

गर्दनीबाग में धरना स्‍थल और विधान सभा की सुरक्षा दीवार की दूरी बमुश्किल 50 मीटर होगी। रेलवे लाइन से खड़ा होकर कोई पत्‍थर फेंके तो विधान सभा परिसर तक पहुंच जाएगा। इतनी संवेदनशील जगह पर प्रदर्शनकारियों से बचाव के लिए कोई स्‍थायी व्‍यवस्‍था नहीं है। गुरुवार को हजारों की संख्‍या में आंगनवाड़ी सेवका और सहायिका प्रदर्शन करने के लिए पटना पहुंच गयीं। ये महिलाएं रात भर विधान सभा की सुरक्षा दीवार की बगल वाली सड़क पर सोई रहीं। यहां पर एक बड़ा गेट है। इसी गेट से मु‍ख्यमंत्री विधान सभा में आते हैं। आज इसी गेट पर महिलाओं का कब्‍जा हो गया था। व्‍यापक इंतजाम के बीच मुख्‍यमंत्री भी विधान सभा परिसर में पहुंच सके।

 

भीड़ पर नियंत्रण मुश्किल

आर ब्‍लॉक  के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ा गेट भी था। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जगह भी थी। लेकिन गर्दनीबाग या कहें कि विधान सभा के पास धरनास्‍थल बनाए जाने के कारण प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण भी संभव नहीं है। आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रदर्शनकारियों के उपद्रव को रोकने में पुलिस सक्षम नहीं होगी। विधान सभा से लगा हुआ सिंचाई भवन परिसर भी है। प्रदर्शनकारी सिंचाई भवन को भी अपना निशाना बना सकते हैं।1

 

नयी जगह की तलाश

गर्दनीबाग का इलाका प्रदर्शनकारियों के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता है और प्रशासन के लिए भी मु‍श्किलों भरा है। बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना तो बिल्‍कुल संभव नहीं है। आंगनबाड़ी महिलाओं का प्रदर्शन इसका उदाहरण है। प्रशासन को किसी ऐसी जगह की तलाश करनी चाहिए, जहां प्रदर्शनकारियों की भीड़ को बांधे रखना जरूरी है। प्रदर्शनकारयिों का उद्देश्‍य ही अराजकता फैलाना होता है। गर्दनीबाग में आंदोलनकारी आसानी से विधानसभा को निशाना बना सकते हैं। पहले भी उनकी कोशिश विधान सभा तक पहुंचने की रहती थी। अब तो प्रशासन ने ही उन्‍हें विधानसभा तक पहुंचा दिया है। बगल में रेलवे क्रॉसिंग है। इसलिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़े हादसे से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

 

(पहली तस्‍वीर में विधान सभा परिसर के बलग में प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं और दूसरी तस्‍वीर विधान सभा का गेट जिससे मुख्‍यमंत्री परिसर में प्रवेश करते हैं)

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