फेसबुक टिप्पणी पर अखिलेश-आजम की हिटलरशाही

यूपी पुलिस ने दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन पर फेसबुक पर टिप्पणी करने पर राम के स्कॉलर कंवल भारती को गिरफ्तार कर लिया है.

कंवल भारती, सामाजिक कार्यकर्ता

कंवल भारती, सामाजिक कार्यकर्ता

भारती ने अपनी फेसबुक टिप्पणी में लिखा था कि “आरक्षण और दुर्गाशक्ति नागपाल इन दोनों ही मुद्दों पर अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार पूरी तरह फेल हो गयी है. अखिलेश, शिवपाल यादव, आज़म खां और मुलायम सिंह (यू.पी. के ये चारों मुख्य मंत्री) इन मुद्दों पर अपनी या अपनी सरकार की पीठ कितनी ही ठोक लें, लेकिन जो हकीकत ये देख नहीं पा रहे हैं, (क्योंकि जनता से पूरी तरह कट गये हैं) वह यह है कि जनता में इनकी थू-थू हो रही है, और लोकतंत्र के लिए जनता इन्हें नाकारा समझ रही है.”

भारती ने आगे लिखा है कि “अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और बेलगाम मंत्री इंसान से हैवान बन गये हैं. ये अपने पतन की पट कथा खुद लिख रहे हैं. सत्ता के मद में अंधे हो गये इन लोगों को समझाने का मतलब है भैंस के आगे बीन बजाना”.

भारती के खिलाफ आजम खान के समर्थक ने एफआईआर कराया था. बाद में पुलिस ने भारती को बेल पर रिहा कर दिया.

इस बीच भारती की फेसबुक टिप्पणी के बाद उनकी गिरफ्तारी पर फेसबुक पर जबर्दस्त तीखी प्रतिक्रिया आ रही है.

ग्वालियर से अशोक कुमार पांडेय लिखते हैं “हम लेखक, कवि, बुद्धिजीवी, ब्लॉगर, फेसबुक यूजर्स वरिष्ठ चिन्तक कँवल भारती की गिरफ्तारी की कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. यह अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला है”.

हस्तक्षेप डॉट कॉम कए सम्पादक अमलेंदू उपादध्याय ने लिखा जनता में थू-थू होने से नाराज़ सपा सरकार ने कराई कँवल भारती की गिरफ्तारी.

याद है डॉ. राम मनोहर लोहिया का जुमला? “ज़िन्दा कौमें पाँच साल इंतजार नहीं किया करतीं”। डॉ. लोहिया के नाम की माला जपने वाली यूपी सरकार अपनी असलियत पर उतर आई है.
प्रखर विचार के सम्पादक एसए अस्थाना लिखते हैं “रामपुर में इन दिनों आज़म खान हिटलर या मुसोलनी की तरह एक आतंक बन कर उभरे है ! अपने बिरोधियो का मकान – दूकान यह कह कर ढहवा दे रहे है की यह जमीन वक्क्फ़ की है या फिर यह जमीन नजूल की है ! अपने इसी अभियान में आज़म खान ने रामपुर में किस कदर तबाही मचा रखी है !

राहुल शेंडे भारती की गिरफ्तारी पर लिखते हैं कँवल भारती जी को अरेस्ट कर लेना, सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बड़े सधे हुए ढंग से उत्तर प्रदेश सरकार कि नीतियों और नियत पर प्रश्न खड़े किये एक फेसबुक पोस्ट द्वारा, ये घोर निंदनीय है.

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