फोंडा में बिहार महोत्सव का शुभारंभ करेंगी गोवा की राज्‍यपाल मृदुला सिन्‍हा

कला संस्कृति निदेशालय,गोवा और कला संस्कृति एवं युवा विभाग,बिहार के द्वारा 22 नवंबर से 24 नवंबर तक गोवा की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले फोंडा के सांस्कृतिक केन्द्र राजीव गांधी कला केन्द्र में बिहार महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 22 नवंबर गुरूवार गोवा की महामहीम राज्यपाल सह बिहार की बेटी श्रीमती मृदुला सिन्हा करेंगी। गोवा और बिहार के संबंधों को प्रगाढ करने के उद्देश्य से इस अवसर पर बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी एवं गोवा के कला संस्कृति मंत्री श्री गोविंद गावडे भी मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्‍यक्षता कृष्ण कुमार ऋषि करेंगे। ये जानकारी आज फोंडा स्थित राजीव गांधी कला मंदिर के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में बिहार के कला संस्कृति मंत्री माननीय श्री कृष्ण कुमार ऋषि और कला एंव संस्‍कृति विभाग, गोवा के मंत्री श्री गोविंद गाउडे ने संयुक्‍त रूप से दी।   

नौकरशाही डेस्‍क

संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कला एंव संस्‍कृति विभाग, गोवा के मंत्री श्री गोविंद गाउडे ने कहा कि बिहार महोत्‍सव का आयोजन हमारे लिए गर्व की बात है। इससे दो अलग – अलग संस्‍कृति का समागम होगा और हमें बिहार की समृद्धशाली संस्‍कृति और कला को नजदीक से जानने का मौका मिलेगा। भारत विविधताओं का देश है, बावजूद हम एक दूसरे के पूरक हैं। यह हमारे देश की खूबसूरती है। ऐसे आयोजन हमें हमारे देश की अन्‍य संस्‍कृति, कला, रहन – सहन आदि चीजों को नजदीक से देखने – समझने का मौका देती है। हम बिहार के बारे में सिर्फ सुनते रहे हैं, मगर बिहार महोत्‍सव में गोवा की जनता को बिहार को काफी करीब से देखने का मौका मिलेगा।

वहीं, श्री ऋषि ने कहा कि विकसित बिहार की पहचान को देश भर में पहुंचाने के उद्देश्य से कला संस्कृति एवं युवा विभाग ने पूरे देश के साथ एक सांस्कृतिक सेतु विकसित करने की कोशिश की है। विभाग ने पिछले दिनों कई राज्यों के कलाकारों को अपनी लोक प्रस्तुतियों के लिए बिहार आमंत्रित किया गया था। गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव और उसके एक वर्ष बाद आयोजित शुकराना समारोह के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ सिक्ख बंधुओं से रु ब रु हो सके। दुनिया भर में जिस कारण बिहार के प्रति एक साकारात्मक बदलाव देखा गया। इस तरह के राष्ट्रीय अवसरों पर बिहार और बिहार के बाहर रह रहे कलाकारों के कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार को एक नई पहचान मिली। इसी क्रम में बिहार की संस्कृति और यहां की बदलती छवि का संदेश लेकर विभाग ने कला के विभिन्न रुपों के साथ पहले कोलकाता, दिल्ली,इलाहाबाद और जयपुर की यात्रा की।

उन्‍होंने कहा कि इलाहाबाद एवं जयपुर में आयोजित सफल बिहार महोत्सव में बिहार के कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान से देश को जोड़ने की सार्थक कोशिश की। बिहार के चाक्षुष कलाकारों को वृहत्तर पहचान देने के उद्देश्य से एक ओर मधुबनी चित्रकला संस्थान की स्थापना की गई, दूसरी ओर देश ही नहीं दुनियां भर के कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी नियमित रुप से आयोजित की जा रही है। इस निमित्त बिहार ललित कला अकादमीके पास दो बडी कलादीर्घाएं राजधानी पटना के हृदयस्थल में मौजूद हैं।

मंत्री ने कहा कि गोवा में आयोजित बिहार महोत्सव हमारी सांस्कृतिक एकता के संकल्प का विस्तार है। इस आयोजन के माध्यम से बिहार की मुकम्मल सांस्कृतिक छवि प्रस्तुत करने की कोशिश की जाएगी।बिहार के खान पान की विशिष्टता, हस्तशिल्प, मिथिला चित्रकला,पहनावे के स्टाल लगाए जा रहे हैं। इस अवसर बिहार ललित कला अकादमी के द्वारा बिहार के विभिन्न शैलियों के साथ समकालीन कला के उत्कृष्ट चित्र प्रदर्शित किए जा रहे हैं। बिहार महोत्‍सव में गोवा की सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का भी समागम होग और कोंकण कला की प्रस्‍तुति दी जायेगी।

उन्‍होंने कहा कि बिहार महोत्सव में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित हैं,जिसके अंतर्गत बिहार में शास्त्रिय गायन की पहचान ध्रुपद,जिसके दरभंगा और बेतिया घरानों की झलक आप यहां सुन सकते हैं। ठुमरी से संगीत केशायद ही कोई जानकार अपरिचित होगे,ठुमरी की सबसे लोकप्रिय शैली गया अंग की ठुमरी के रंग आप को यहां सुनने को मिलेंगे।इसके साथ लोकप्रियता के शिखर पर खडी भोजपुरी और अपनी पारंपरिक पहचान के साथ सुरक्षित मैथिली लोकगीतों की भी प्रस्तुती होगी।बिहार गौरव गान और बिहार दर्पण में बिहार की सशक्त सांस्कृतिक परंपरा के साथ गौरवशाली इतिहास की झांकी आपको मंत्रमुग्ध कर सकती है। बिहार महोत्सवव में जटजटिन झिझिया जैसे परांपरिक लोकनृत्यों की भी प्रस्तुती होगी।इस अवसर पर गोवा के कलाकारों को भी प्रस्तुती के लिए आमंत्रित किया गया है।हमारी कोशिश होगी कि बिहार महोत्सव के माध्यम से गोवा और बिहार की सांस्कृतिक एकता के लिए सशक्त जमीन तैयार हो सके।

उन्‍होंने कहा कि निश्चित रुप से बिहार महोत्सव का मुख्य आकर्षण उद्घाटन समारोह होगा। गोवा और बिहार आज ही नहीं सदियों से एक अटूट रिश्ते में बंधे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम में बिहार के कला संगीत परंपरा का प्रतिनिधित्व करती सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।गर्व की बात है कि इस आयोजन में पद्मभूषण से सम्मानित डा.शारदा सिन्हा जी की प्रस्तुती हम गोवा में कर पा रहे हैं।आज शारदा सिन्हा जी बिहार के पारंपरिक लोकगायिकी की दुनिया भर में शीर्ष पहचान मानी जाती हैं। संवाददाता सम्‍मेलन में कला एंव संस्‍कृति विभाग, गोवा के उपनिदेशक श्री अशोक प्राब, कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार के उप निदेशक श्री तारानंद वियोगी, बिहार संगीत नाटक अकादमी के सेक्रेटरी श्री विनोद अनुपम, श्रीमती विभा सिन्‍हा, संजय कुमार सिंह और पीआरओ रंजन सिन्‍हा भी मौजूद रहे।

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