बंध्याकरण कराया फिर भी मां बनी , नहीं मिली क्षतिपूर्ती

बंध्याकरण के बाद भी मां बनी नीलम को नहीं मिली क्षतिपूर्ति

औरत जात का सफरनामा

दीपक कुमार ठाकुर,ब्यूरो प्रमुख,बिहार

मधुबनी:जिले के सरकारी अस्पतालाें में परिवार नियाेजन ऑपेरशन की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑपरेशन होने के बावजूद महिला फिर से गर्भवती हो गई व एक बेटे को जन्म दिया। अब वे क्षतिपूर्ति राशि की मांग कर रही हैं लेकिन उन्हें लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में जिले में परिवार नियोजन ऑपरेशन की सफलता पर प्रश्नचिह्न लगता जा रहा है। जिले के लदनियां प्रखंड की जानकी नगर गांव की नीलम कुमारी ने परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद भी गर्भधारण को लेकर सरकारी लाभ देने की मांग की है। नीलम का परिवार नियोजन ऑपरेशन 2015 में रेफरल अस्पताल अंधराठाढ़ी में हुआ था। वर्ष 2017 में जांच के दौरान उसके गर्भधारण करने की पुष्टि की गई। 2017 में ही उसने एक पुत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लदनियां में जन्म दिया। परिवार नियोजन की विफलता के संबंध में उसने रेफरल अस्पताल अंधराठाढ़ी के कार्यालय में आवेदन दिया। इस पत्र के बाद में साल 2018 में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रेफरल अस्पताल अंधराठाढ़ी ने तत्कालीन सिविल सर्जन को इसकी जानकारी दी। नीलम ने 28 फरवरी 2018 को भी इस संबंध में आवेदन दिया। उसने कई बार मधुबनी का भी चक्कर लगाया लेकिन उसे लाभ नहीं मिला। लेकिन उन्हें अबतक काेई लाभ नहीं मिला है। मुआवजा के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को नीलम ने शनिवार को आवेदन दिया है।

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने लिखा पत्र

नीलम कुमारी जानकीनगर निवासी चंद्रवीर कामत की पत्नी है। उसने प्रधान सचिव को परिवार नियोजन संबंधी कागजात, गर्भधारण रिपोर्ट, प्रसव संबंधी जानकारी, बच्चे की जन्म प्रमाण पत्र, सीएस को दिए आवेदन कार्ड आदि की भी छायाप्रति भेजी है। तब जाकर निदेशक प्रमुख परिवार कल्याण ने राज्य स्वास्थ्य समिति ने इस संबंध में पत्र लिखा। निदेशक प्रमुख का पत्र मिलने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी परिवार कल्याण ने सिविल सर्जन को नीलम कुमारी पति चंद्रवीर कामत ग्राम जानकीनगर थाना लदनियां का परिवार कल्याण ऑपरेशन असफल होने के कारण क्षतिपूर्ति राशि का भुुगतान के संबंध में लिखा। मालूम हो कि फैमिली प्लानिंग इंडेम्निटी स्कीम एफपीआईएस के अंतर्गत परिवार कल्याण की विफलता के लिए लाभार्थी को क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। इसके लिए जिला व राज्य स्तर पर इंडेम्निटी कमिटी गठित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*