बाघ से मुक्ति में एपी पाठक की मेहनत रंग लाई

बाघ से मुक्ति में एपी पाठक की मेहनत रंग लाई

संवाददाता
बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक पिछले दिनों नरभक्षी बाघ के हमले से मारे गए जगरनाथ उरांव और रामप्रसाद उरांव और जख्मी युवक अविनाश के परिवार के लोगों से बरवा काला,हरनाटांड़ में मिले थे उस दौरान स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधियों ने एपी पाठक से अपनी समस्या चौपाल में बताई थी ।

फलस्वरूप एपी पाठक ने एसडीएम, डीएम और वन क्षेत्र के बड़े अधिकारियों से बाघ को रेस्क्यू करने अथवा शूट करने हेतु निवेदन किया था।


साथ ही एपी पाठक ने वन प्रक्षेत्र में बाघ के सभी संभावित ठिकानों का विवरण डीएफओ और राज्य स्तर के अधिकारियों से लिया था।और बाघ द्वारा हमले किए गए जगहों पर खुद सजीव दौरा किया था।


उस सिलसिले में एपी पाठक जी ने ऊपर के अधिकारियों से आदमखोर बाघ को शूट करने हेतु सभी जिम्मेदार अधिकारियों के उपर दबाव बनाया था क्योंकि इंसानी जीवन को बचाने हेतु ये जरूरी था।
आज उसी का परिणाम है कि बाघ को शूट किया गया।
मिडिया से बातचीत में बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक ने चंपारण के जंगली इलाकों को बाघ से मुक्ति करने हेतु का दिल से जिला प्रशासन और वन प्रक्षेत्र के अधिकारियों को धन्यवाद दिए और कहा कि सभी पदाधिकारियों ने उनकी विनती सुनी और तत्काल कारवाई कर टीम बुला कर बाघ को शूट कराया।
यह सर्वविदित है कि वन से सटे सभी गांवो का एपी पाठक लगातार दौरा करते रहे है और पिछले एक दशकों से अधिक समय से वहां एपी पाठक अपने बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से लोगों की सेवा करते आ रहे है।


चाहें प्राकृतिक आपदा हो, कोरोना काल अथवा युवाओं और महिलाओं का स्वावलंबन हो हर मोर्चे पर बाबु धाम ट्रस्ट लोगों की मदद करते आया है।
बाबु धाम ट्रस्ट की पहली प्राथमिकता है थरुहट और जंगल के किनारे बसे लोगों की सेवा और उनका विकास में भागीदार बनना।

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