बिहार:नौकरशाही से त्रस्त स्वास्थ्य सेवा, होगी हड़ताल

बिहार की स्वास्थ्य सेवा नौकरशाही के अनावश्यक हस्तक्षेप से लचर है.राज्य के सरकारी चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ इस हस्तक्षेप और कागजी पेचीदगियों से परेशान है जबकि सरकार उनकी इस संबंध में किसी मांग पर गौर करने को तैयार नही है नतीजतन बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ 15 व 16 जनवरी को हड़ताल पर रहने के अपने फैसले पर अडिग है.

सरकार के साथ संघ के प्रतिनिधियों की गुरुवार को हुई वार्ता भी बेनतीजा रही है.मांगें न माने जाने की स्थिति में डाक्टरों ने 15 व 16 जनवरी को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ अनुबंध पर बहाल चिकित्सकों को नियमित किए जाने, कार्यस्थल पर सुरक्षा, केंद्र सरकार के चिकित्सकों के समान वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाएं दिए जाने, स्वास्थ्य प्रशासन व प्रबंधन के मामले में नौकरशाही के अनावश्यक हस्तक्षेप को रोकने जैसी मांगों को लेकर परेशान हैं.

संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार सरकार सैद्धांतिक रूप से मांगों के पक्ष में तो है लेकिन व्यावहारिक तौर पर वह चिकित्सकों की मांगों को मानने से हिचक रही है.
दोनो पक्षों की एक मीटिंग भी हुई जिसमें स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार और अतिरिक्त सचिव केपी ओझा शामिल हुए. चिकित्सकों की नुमाइंदगी डा. दिनेश्वर प्रसाद, डा. अखिलेश कुमार सिंह, डा. अजय कुमार, डा. रंजीत कुमार, डा. कुमार अरुण, डा. सुरेश कुमार ने की.

वार्ता के संबंध में डा.अजय कुमार का कहना है कि सरकार की तरफ से 13 जनवरी को निर्णय लेने की बात कही गई है.इस दिन मांगों के समर्थन में डाक्टर रैली का आयोजन कर रहे हैं. मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने की स्थिति में चिकित्सक 15 व 16 को हड़ताल पर रहेंगे।

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