बिहार की मांग को मरा घोड़ा कहना दलितों-पिछड़ों का अपमान : ललन

बिहार की मांग को मरा घोड़ा कहना दलितों-पिछड़ों का अपमान : ललन

बिहार की मांग को मरा घोड़ा कहना दलितों-पिछड़ों का अपमान : ललन। जदयू अध्यक्ष बोले भाजपा ने किया बिहार के गरीब, पिछड़े, दलितों का अपमान। क्या बोले तेजस्वी-

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के 94 लाख गरीबों, दलितों, पिछड़ों के तेजी से विकास के लिए केंद्र से विशेष राज्य के दर्जे की मांग की, तो भाजपा के सांसद सुशील मोदी ने बिहार की मांग को मरा हुआ घोड़ा कह दिया। अब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बिहार कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित करके कहा कि गरीबों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों के तेजी से विकास के लिए विशेष राज्य का दर्जा जरूरी है। विशेष दर्जा मिलने पर हम गरीबों का तेजी से उत्थान कर सकते हैं। इसे मरा हुआ घोड़ा कहना बिहार के गरीबों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों, दलितों का अपमान करना है।

उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए। यह बिहार की आवश्यकता है। हम लोग इसके लिए आंदोलन करेंगे। जो बिहार के विकास व उत्थान के साथ जुड़ा हुआ मामला है, उसे भाजपा वाले ‘मरा हुआ घोड़ा’ कैसे बोल सकते हैं। ये उनकी सोच है। ये बिहार के प्रति उनके नजरिये को दर्शाता है।

उधर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार हर गरीब को रोजगार के लिए दो-दो लाख रुपए देना चाहती है। सरकार ने गरीबों के उत्थान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, जिन्हें पूरा करने में पांच साल लग जाएगा। लेकिन अगर केंद्र सरकार बिहार को विशेष दर्जा देती है, तो बिहार सरकार डेढ़ साल में गरीबों के लिए घोषित सभी योजनाएं लागू कर देगी।

तेजस्वी यादव ने कहा