बिहार के आईपीएस ने मांगी दस करोड़ रिश्वत

बिहार के सारण प्रक्षेत्र के डीआईजी आलोक कुमार ने एक शराब कंपनी से दस करोड़ रुपए बतौर घूस मांगा.आईजी ऑप्रेशंस अमित कुमार द्वार की गई मोबाइल सर्विलांस की जांच में यह बातें सही पाई गई हैं.
विनायक विजेता की रिपोर्ट

दून वैली डिस्टीलर, जो सहारणपुर की कंपनी है को राज्य सरकार ने गोपालगंज, सारण और दरभंगा में देशी शराब आपूर्ति का ठेका सौंपा है.

आलोक कुमार पटना के एसएसपी भी रह चुके हैं

बीते दिनों डीआईजी के एक करीबी उमेश सिंह ने इस कंपनी के प्रतिनिधि को फोन कर कहा कि डीआईजी साहब ने आपके शराब में काफी खमियां पायीं हैं आप 10 जनवरी तक डीआईजी साहब से मिल लें नहीं तो आपकी कंपनी को इसका खमियाजा भूगतना पड़ेगा. इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि टून्ना जी पांडेय, उमेश सिंह के साथ डीआईजी आलोक कुमार से मिले जहां डीआईजी ने बतौर घूस दस करोड़ रुपए की मांग की अन्यथा परेशानी झेलने को तैयार रहने को कहा.

टून्ना जी ने इस मामले की लिखित शिकायत डीजीपी अभ्यानंद से की.डीजीपी के आदेश पर आईजी, ऑप्रशंस अमित कुमार ने इस मामले की जांच की. मोबाइल सर्विलांस और उसपर हुई बातचीत के आधार पर डीआईजी के खिलाफ भयादोहन का प्रमाण सत्य पाया.

जांच में यह भी पाया गया कि दरौंदा के लोफर गांव निवासी उमेश सिंह, पटना के अशोक नगर निवासी दीपक अभिषेक तथा बिस्कोमान कॉलोनी निवासी अजय दूबे भी डीआईजी के लिए भयादोहन का काम करते थे। इसमें से दो आरोपी को पुलिस ने टून्ना जीे लिए गए पांच लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया। इस संदर्भ में आर्थिक अपराध इकाई द्वारा आर्थिक अपराध शाखा में प्राथमिकी (02/13) दर्ज करायी गई है। रविवार को सुबह आईजी, प्रोवीजन, अनुपमा निलेकर चंद्रा ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी। अब सारण के डीआईजी पर शेखपुरा की पूर्व एसपी अनसुईया रणसिंह साहू की तरह गाज गिरना तय माना जा रहा है.

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