बिहार के चुनावी समर में कूदना चाहते हैं अनेक पूर्व नौकरशाह

दशकों तक सत्ता का हिस्सा रहे नौकरशाहों में से अनेक रिटायरमेंट के बाद भी इसकी चमक से प्रभावित रहते हैं. ऐसे में अगर उनके संबंध सत्ताधारी पार्टियों से अच्छे रहे तो वह किसी न किसी रूप में सत्ता का हिस्सा बने रहते हैं. उनमें से अनेक किसी निगम, बोर्ड या आयोग के सदस्य या अध्यक्ष तक बना दिये जाते हैं.

एमए इब्राहिमी नाथ नगर से लड़ेंगे चुनाव

एमए इब्राहिमी नाथ नगर से लड़ेंगे चुनाव

नौकरशाही डेस्क

लेकिन कुछ ऐसे भी नौकरशाह हैं जो अपनी पहचान को राजनीतिक कसौटी पर आजमाने की कोशिश करते हैं.

ऐसे में कई पूर्व नौकरशाह इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने निकल पड़े हैं.

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मुख्य सचिव स्तर के दो पूर्व आईएएस- डॉ. एमए इब्राहिमी और पंचम लाल हिंदुस्तान अवामी मोचर्चा (सेक्युलर) के बैनर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं. खबर है कि इब्राहिमी भागलपुर के नाथनगर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे. इब्राहिमी हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं. इब्राहिमी ने नौकरशाही डॉट इन को बताया है कि वह भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त के तौर पर दो साल सेवा करने के साथ-साथ भागलपुर विश्विद्यालय के कुलपति भी रह चुके हैं इसके अलावा उन्होंने भागलपुर के बुनकरों के हकूक की लड़ाई रिटायरमेंट के बाद भी जारी रखी. ऐसे में यह मुनासिब समय है कि वह खुद के द्वारा की गयी सेवा को राजनीतिक कसौटी पर परखें.

हम के सूत्रों का कहना है कि एक अन्य पूर्व आईएएस पंचम लाल फुलवारी शरीफ से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं.

इसी प्रकार खबर यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी पूर्व आईपीएस अफसर व बिहार के पूर्व डीजीपी आशीष रंजन सिन्हा और पूर्व डीजीपी अशोक कुमार भी चुनावी समर में कूदने के इंतजार में हैं. आशीष रंजन सिन्हा नालंदा के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से लड़ जाना चाहते हैं. सिन्हा नीतीश कुमार के स्वजातीय बताये जाते हैं और उनकी इच्छा है कि वह नालंदा, जहां नीतीश कुमार का पैतृक घर है वहीं से नीतीश को चुनौती दें.

याद रखने की बात है कि सिन्हा लोकसभा चुनाव के दौरान राजद में शामिल हो गये थे.  आईपीएस अशोक कुमार गुप्ता के बारे में बताया जाता है कि वह भाजपा के टिकट से बगहा से चुनाव लड़ना चाहते हैं.

इसी प्रकार  बिहारी पृष्ठभूमि के एक अन्य नागालैंड कैडर के आईएएस अफसर  आरएस पांडेय चम्पारण की किसी सीट पर अपने लिए अवसर तलाश रहे हैं.

दूसरी तरफ जनता दल यू के टिकट से 2014 का चुनाव लड़ कर हार चुके आईएएस अफसर केपी रमैया  भी विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाने की सोच रहे हैं.

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार कैडर के आईएएस अफसर और पूर्व कैंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह भाजपा से सांसद बन चुके हैं. अब देखना  है कि विधान सभा चुनाव में बिहार की जनता किस-किस नौकरशाह को विधानसभा पहुंचाती है.

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