बिहार में करोड़ों के पॉपुलर पौधे लगाये गये , किसानों को दिया जा रहा आर्थिक बढ़ावा

अब तक एक करोड़ 63 लाख पांच हजार पॉपुलर पौधे

नौकरशाही डेस्क, पटना

किसानों को दिया जा रहा आर्थिक बढ़ावा, लगाया 16,305,000 पॉपुलर पौधे

किसानों को दिया जा रहा आर्थिक बढ़ावा, लगाया 16,305,000 पॉपुलर पौधे

पर्यावरण एवं वन विभाग अब न केवल प्रदूषण कम करने के दिशा में काम कर रही है, बल्कि अब किसानों को आर्थिक लाभ से भी जोड़ रही है. इसके लिए अन्य राज्यों के तर्ज पर पापुलर प्लांट को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके तहत वित्तिय वर्ष 2016-17 में कुल एक करोड़ 63 लाख पांच हजार पापुलर के पौधे लगाये गये हैं. कृषि वानिकी योजना के तहत सीधे किसानों को जोड़ा जा रहा है. ताकि खेती किसानी में उन्हें आर्थिक लाभ मिल सकें. बिहार में पापुलर के पौधे को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष लाखों पौधे लगाये जा रहे हैं. ताकि पौधों का लाभ किसानों को मिल सकें. साथ ही पर्यावरण भी संतुलित रह सकें. इसके लिए विभाग द्वारा दो अलग -अलग योजनाएं चलायी जा रही है. कृषि वानिकी योजना व मुख्यमंत्री निजी पौधशाला पॉपुलर प्लांट के तहत पौधे लगाये जा रहे हैं. कृषि वानिकी योजना के अंतर्गत पौधे किसानों के माध्यम से खेतों में लगाये जा रहे हैं. वहीं मुख्यमंत्री निजी पौधशाला के रूप में इसे अन्य क्षेत्रों में लगाया जा रहा है. दोनों योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में कुल 19, 626,300 पौधे लगाये गये हैं. वहीं, वर्ष 2015-16 में 16,657,710 इतने और वित्तीय वर्ष 2016-17 में 16,305,000 पौधे लगाये गये हैं.
नर्सरी को दिया जा रहा बढ़ावा, बाजार में इनकी है मांग
पूरे बिहार भर में पॉपुलर पौधे की अलग से नर्सरी तैयार की गयी है. इसकी संख्या 1087 है. सभी नर्सरियों को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा गया है. यानि कोई भी व्यक्ति अपने खेतों में या खाली पड़े प्लॉट में पॉपुलर प्लांट लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के अनुसार नर्सरी से पौधे ले सकेंगे. वहीं, किसानों को पौधे नि:शुल्क मुहैया कराये जा रहे हैं. इसके लिए उन्हें तीन वर्ष का प्रति पौधा 35 रुपये अनुदान राशि भी दी जा रही है. पंजाब , हरियाणा , उत्तर प्रदेश के बाद इसके बाजार को देखते हुए बिहार में भी इसे बढ़ावा दिया जा रहा है. यह पौधा छह से सात साल में तैयार हो जाता है. एक पौधे की कीमत 2000 रुपये तक है.
इन उद्योगों में हो रहा उपयोग
इसका उपयोग कागज निर्माण, माचिस, व्लाईवुड और प्लाई बोर्ड , पैकिंग के लिए खेल समान बनाने में कृत्रिम अंग, सॉफ्ट वुड के रूप में फर्नीचर व पेंसिल के इस्तेमाल में किया जाता है. इससे इसकी मांग है. इसका फायदा किसानों को कम समय में ही मिल जाता है. साथ ही कम जगह में पौधे तैयार हो जाते हैं.

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