बीफ के बारे में राष्‍ट्रीय नीति स्‍पष्‍ट कर दें, तो हो जाएगा तनाव कम : सामना

शिवसेना का मुख्‍यपत्र ‘सामना’ ने गो हत्‍या के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को आधार बनाते कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा ली गई सख्‍त भूमिका का वे स्‍वागत करते हैं. गो रक्षा के मुद्दे पर कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है. पीएम ने हिंदत्‍व की स्‍पष्‍ट व्‍याख्‍या की है, उनका आभार. मगर बीफ के बारे में भी वे एक बार राष्‍ट्रीय नीति स्‍पष्‍ट कर दें तो तनाव कम हो जाएगा. बता दें कि इससे पहले भी महाराष्ट्र की बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल शिवसेना मोदी सरकार फैसलों पर ‘सामना’ के माध्‍यम से सवाल उठा चुकी है.  

नौकरशाही डेस्‍क

मंगलवार को ‘सामना’ में  ‘मोदी का हंटर’ शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि गो रक्षा के नाम पर इ‍न दिनों देशभर में उन्‍माद और हिंसाचार फैला हुआ है. गोमांस रखने की आशंका पर मुसलमानों की हत्‍याएं हो रही हैं. लोगों को कुचलकर मारा जा रहा है. ऐसे में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह का ये कहना कि पिछली सरकार में भीड़ द्वारा की जानेवाली हत्‍या का अधिक है, यह ऐसे अपराधों की गंभीरता को कम नहीं करती है.

‘सामना’ ने अमित शाह द्वारा गोवा में गोमांस भक्षण पर दिए बयान को कोट करते हुए लिखा है कि गोमांस के मुद्दे पर देश में माहौल बिगड़ने के मामले बढ़े हैं. खुद को गोरक्षक कहने वालों का जत्‍था सड़क पर उतरता है. किसी के घर में घुसता है और गोमांस रखने के संदेह में लोगों की हत्‍याएं कर देता है. पीएम ने दो दिन पहले इस तरह‍ के बोगस गोरक्षकों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि गो भक्ति के नाम पर इंसान की हत्‍या उन्‍हें मंजूर नहीं. मोदी का यह हंटर उन्‍माद करने वाले गो रक्षकों पर बरसा है.

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