बैंकिंग फ्रॉड व कारोबारियों द्वारा अरबों रुपये ले भागने से त्रस्त सरकार ने की तीन बैंको के विलय की घोषणा

बैंकिंग फ्रॉड व कारोबारियों द्वारा अरबों रुपये ले भागने से त्रस्त सरकार ने की तीन बैंको के विलय की घोषणा.
यह घोषणा वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को की.

 इसी साल फरवरी में देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी मुंबई स्थ‍ित एक शाखा में करीब 11,400 करोड़ रुपये का फ्रॉड होने की बात जाहिर की थी. हालांकि बाद में जैसे-जैसे परतें खुलीं, तो यह सामने आया कि यह घोटाला 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निकला. उधर नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे कारोबारियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये लोन लेकर देश से भाग जाने से भारत के बैंकों में त्राहि-त्राहि मची है. बैंक इस धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. हालत यह है कि बैंक कारोबारियों को अब और लोन दे पाने में सक्ष्म नहीं जिससे निवेश पर संकट के गहरे बादल छाये हुए हैं.

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ऐसे में बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए  बैंक आफ बड़ोदा, देना बैंक और विजया बैंक के विलय का फैसला लिया गया है. बैंकिंग सेक्टर में सुधार और पुनर्गठन पर विचार के लिए बनी अल्टरनेटिव मैकेनिज्म कमेटी ने यह फैसला लिया. इस कमेटी के अध्यक्ष वित्त मंत्री अरुण जेटली हैं  जबकि रेल मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इसमें सदस्य हैं. सरकार का दावा है कि इस फैसले से न सिर्फ ग्राहकों को फायदा होगा बल्कि बैकिंग क्षेत्र भी ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर पाएगा.

 
 इस अवसर पर अरुण जेटली ने बैंक कर्मियों से साफ कहा कि इस विलय के बाद किसी भी बैंककर्मी की छटनी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है।.
 

विलय क्यों

बैंकिंग फ्रॉड और बड़े कारोबारियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये ले कर भाग जाने के बाद बैंकों की हुई खराब स्थिति को सुधारने के प्रयास के तहत सरकार ऐसा कदम उठा रही है. हालांकि
विलय के कारणों को बताते हुए उन्होंने कहा बैंकों की कर्ज देने की स्थिति कमजोर होने से कंपनियों का निवेश प्रभावित हो रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि कई बैंक नाजुक स्थिति में हैं और इसका कारण अत्यधिक कर्ज तथा फंसे कर्ज (एनपीए) में वृद्धि है।
उधर वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे। ‘इस विलय से परिचालन दक्षता और ग्राहकों की मिलने वाली सेवा बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद अस्तितव में आनेवाला बैंक तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा पैमाने की मितव्ययिता के साथ मजबूत प्रतिस्पर्धी होगा। कुमार ने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा.

 

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