बैन के खिलाफ कानूनी अखाड़े में कूदा NDTV, पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

वही हुआ जिसकी उम्मीद थी. NDTV इंडिया पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए एक दिन के प्रतिबंध को  उसने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे डाली है.ndtv-india-logo_650x400_61478501691

 

सरकार ने NDTV इंडिया पर पठानकोट में आतंकवादी हमले के दौरान संवेदनशील जानकारी का प्रसारण करने का आरोप लगाते हुए बुधवार, 9 नवंबर को उसे एक दिन के लिए ऑफएयर रखे जाने का आदेश दिया है.

NDTV ने इन आरोपों का खंडन किया है, और कहा है कि अन्य चैनलों तथा समाचारपत्रों ने भी वही जानकारी दिखाई या रिपोर्ट की थी.

इस प्रतिबंध की पत्रकारों और संपादकों ने चौतरफा आलोचना की है. सभी प्रेस काउंसिलों ने इसे ’70 के दशक में देश में लागू की गई एमरजेंसी के समान बताया, जब प्रेस की आज़ादी सहित सभी मूल संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया गया था.

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि अपनी तरह के इस पहले आदेश से पता चलता है कि केंद्र सरकार समझती है कि “उसे मीडिया के कामकाज में दखल देने और जब भी सरकार किसी कवरेज से सहमत न हो, उसे अपनी मर्ज़ी से किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है…” देश के सभी बड़े समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं के संपादकों के समूह ने कहा कि अगर सरकार को किसी मीडिया कवरेज में कुछ आपत्तिजनक लगता है, तो वह कोर्ट जा सकती है.
उधर, इस प्रतिबंध का बचाव करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि यह प्रतिबंध ‘देश की सुरक्षा के हित में है’, तथा इस मुद्दे पर की जा रही सरकार की आलोचना ‘राजनीति से प्रेरित‘ लगती है.

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