भागलपुर बालगृह शारीरिक यातना मामले में प्राथमिकी दर्ज, कार्रवाई शुरू

भागलपुर में समाज कल्याण विभाग के बाल गृह में बच्चों को दी गई शारिरिक यातना मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी । आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि भागलपुर जीरोमाइल के निकट अवस्थित बाल गृह के अंकेक्षण करने के लिए 2017 के सितम्बर माह मे टाटा इंस्टीट्यूट आँफ सोशल सांइस (टीआईएसएस) की रिपोर्ट में इस बालगृह के बच्चों के साथ मारपीट और कई प्रकार की यातनाएं दिये जाने का मामला उजागर हुआ था।

इसी रिपोर्ट के आधार पर बाल गृह के संचालक स्वयं सेवी संस्था रूपम प्रगति समाज समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध समाज कल्याण विभाग के स्थानीय अधिकारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और इस सिलसिले में पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आज बाल गृह का निरीक्षण किया।
सूत्रों ने बताया कि टीआईएसएस के रिपोर्ट में गृह के बच्चों को शारिरिक यातनाएं देने वाले कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता के खुलासे के बाद बाल गृह के दो कर्मचारी प्रदीप शर्मा एवं प्रवेश दास को हटा दिया गया है,जबकि समिति के सचिव के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस बीच भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने आज बाल गृह का निरीक्षण किया और बच्चों के हालतों की जानकारी ली । उन्होंने सभी बच्चों की मेडिकल जांच कराने का निर्देश बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी को दिया है। उन्होंने कहा कि जांच से यह पता चलेगा कि कितने बच्चे बीमार हैं । इस मामले में दोषी पाये जाने पर एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग के भागलपुर स्थित बाल गृह का संचालन रुपम प्रगति समाज समिति द्वारा किराये के मकान में किया जा रहा है। इस गृह के बच्चों के साथ मारपीट और अन्य यातनाएं दिये जाने के कारण आये दिन बच्चों के भागने की घटनाएं हो रही है।

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