भागलपुर में नीट व जेईई के बदले पैटर्न पर सेमिनार

एलिट इंस्टिच्यूट ने जेईई और नीट के बदले पैटर्न पर सेमिनारों की श्रंखला का तीसरा सेमिनार रविवार को भागलपुर में आयोजित किया.elitephoto

इससे पहले पटना और मुजफ्फरपुर में सेमिनार का आयोजन किया जा चुका है जबकि अगला सेमिनार 19 मई को रोसड़ा में आयोजित किया जाना है.
भागलपुर में आयोजित सेमिनार के अवसर पर एलिट इंस्टिच्यूट के निदेशक अमरदीप झा गौतम ने भागलपुर के छात्रों से रू-ब-रू हुए और नीट व जेईई के परीक्षा पैटर्न में हुए बदलाओं पर जानकारी दी.

एलिट इंस्टिच्यूट के निदेशक ने बताया कि आईआईटी (जी) और पीएमटी ( नीट) के बदले पैटर्न में 12 वी कक्षा के रिजल्ट को महत्वपूर्ण बना दिया गया है. ऐसे में छात्रों को मात्र प्रतियोगी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाये 12 वीं की पढ़ाई पर भी भी ध्यान देना होगा.

उन्होंने छात्रों को समझाया कि आईआईटी या मेडिकल में प्रवेश पाने के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि 12 वीं के प्राप्तांक का 40 प्रतिशत और प्रतियोगी परीक्षा का 60 प्रतिशत अंतिम चयन का आधार बना दिया गया है. ऐसे में छात्रों को अपनी तैयारी भी इसी बात को ध्याम में रख कर करनी होगी.

गोतम ने इस अवसर पर छात्रों के प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा की. इस अवसर पर एलिट इंस्टिच्यूट के मैथ के फकेलटी शंभु कुमार ने भी अपने विचार रखे. सेमिनार में गौतम ने छात्रों को ऊर्जा प्रबंधन की तकनीक, योग्यता के अधिकतम उपोयग और कामयाबी हासलि करने के तरीकों पर अपनी बात भी रखी.

उन्होंने मैथ जैसे गूढ़ विषयों पर छात्रों को होने वाली परेशानियों और उससे निपटने की सलाह दी.
शंभु कुमार ने एलिट के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि 2013 में इंस्टिच्यूट के 400 बच्चों में से 87 छात्रों ने जेईई मेन में सफलता प्राप्त की है काफी संतोष की बात है.

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