‘भाजपा में हिम्मत है तो पीएम मोदी की घोषणाओं को फर्जी कहे’

बिहार जद यू के प्रवक्ता नीरज कुमार व महसचिव रवींद्र कुमार ने भाजपा पर सवालों के तीर छोड़ते हुए कहा है कि अगर बिहार भाजपा में हिम्मत है तो पीए की घोषणाओं को फर्जी कहे.

नीरज कुमार

नीरज कुमार

नीरज ने तारीख ब तारीख नरेंद्र मोदी की घोषणाओं और वादों की याद दिलाया है जिन्हें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान किये.

तारीख 03 मार्च 2014 …स्थान मुज़फ्फरपुर—-कमल के बिना मखाना कहाँ से आयेंगे

तारीख 09 मई 2014..स्थान…मोतिहारी …मोतिहारी में लीची की फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट की आवश्कयता बताया और गन्ना किसानों और लीची उत्पादकों के लिए पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा कुछ नही किए जाने की आलोचना की

तारीख 01 मई 2014 स्थान…सरायरंजन…गन्ना किसानों की तकदीर बदलने के लिए सहकारिता को बढ़ावा दिये जाने की वकालत की

तारीख 09 मई 2014…स्थान गोपालगंज…गन्ना किसानों की विकास के लिए चीनी उद्योग लगाने की आवश्यकता

तारीख 03 मार्च 2014…स्थान…मुजफ्फरपुर…चंपारण को देश की चीनी का कटोरा कहा…आज की चंपारण की हालत पर आंसू बहाए..’देश का मुंह मिठा करने वाली मिलें बंद पड़ी हैं…क्या इसकी स्थिति नहीं बदली नहीं जा सकती’

नीरज ने कहा बिहार भाजपा के नेता माननीय सुशील कुमार मोदी, माननीय नंदकिशोर यादव, माननीय राधामोहन सिंह, माननीय मंगल पाण्डे मंच पर विराजमान थे।

जद यू का सवाल

  1. माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकसभा चुनाव में किसानों के संबंध में बिहार में किए गए वायदे का कौन सा अंश लागू हुआ? हिम्मत है तो विस्तृत प्रपत्र जारी करें।
  2. मुँह की बात का सामना न करने का नैतिक बल समाप्त होने के बाद किसानों के लिए मन की बात के दौरान बिहार के संदर्भ में कौन सी घोषणा की गई?

सच तो यह है कि मुख्यमंत्री बिहार माननीय नीतीश कुमार ने केन्द्र मंे अल्प समय तक कृषि मंत्री रहने के बावजूद राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र, दरभंगा, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र, मुसहरी मुजफ्फरपुर स्थापित किया था।

लेकिन माननीय नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में कृषि मंत्री माननीय राधामोहन सिंह को यह जबाब देना चाहिए-

(1) राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर के द्वारा गन्ना अनुसंधान केन्द्र माधोपुर, पूर्वी चंपारण में स्थापित किए जाने को लेकर 6 माह पूर्व प्रस्ताव भेज दिया गया लेकिन केन्द्रीय मंत्री कुंडली मार कर बैठे हुए हैं?

जो अपने संसदीय क्षेत्र में संस्थान खोले जाने को लेकर प्रयत्नशील व ईमानदार न हो उनसे बिहार के कृषि के विकास की परिकल्पना करना व्यर्थ है।

(2) एक तरफ केन्द्र सरकार कृषि संवर्ग के लिए बयानवीर बने हुए हैं दूसरी तरफ वत्र्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत मिलने वाली राशि में क्रमशः 1,2 में 50 प्रतिशत कटौती एवं 3 में 25 प्रतिशत की कटौती कर दी है।

जनता दल यू0 बिहार भाजपा के बौद्धिक पहलवान से अनुरोध करता है कि अगर लोकतंत्र में लोकलाज में भरोसा है तो आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई घोषणाओं को फर्जी कहने का हिम्मत करे, कृषि प्रक्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा की गई कटौती के खिलाफ जुबान खोले।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*