भारत में आंदोलन बन गया है डिजीटलाइजेशन

केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत में डिजीटल की प्रक्रिया सस्ती दर तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित है और पूरे देश में यह एक आंदोलन के रूप में चल रहा है।


श्री प्रसाद ने कहा कि भारत की जनता ने डिजीटलीकरण को एक आंदोलन के रूप में अपना लिया है और पूरे देश में बडे स्तर पर लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में डिजीटलीकरण किस तेजी से बढ रहा है इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि देश के डिजीटल ढांचे के दायरे में 1.21 अरब मोबाइल फोन हैं जिनमें 45 करोड़ स्मार्ट फोन हैं। इंटरनेट सेवा लेने वालों की संख्या 50 करोड़ है और फाइबर आप्टीकल ब्राडबैंड का दायरा ढाई लाख गांव तक पहुंचने के कारण इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में डिजीटल भुगतान अहम भूमिका में सामने आ रहा है और इस पर आधारित लेनदेन तेजी से बढ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में डिजीटल लेन देन की जो गति है उसे देखते हुए तीन से पांच साल में यहां डिजीटल आधारित अर्थव्यवस्था करीब एक खरब डालर के स्तर को पार कर जाएगी।  श्री प्रसाद ने इंटरनेट को मानवीय सोच और उसकी शोध की उल्लेखनीय उपलब्घि करार दिया और कहा कि इस पर कुछ लोगों का एकाघिकार नहीं हो सकता है। साइबर स्पेस को वैश्विक स्तर का बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय आइडिया को लिंक किया जाना चाहिए।

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