भ्रष्ट सेवक नहीं बच सकते, शर्त है कि सरकार चाहे तब

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा किये गये छापेमारी से यह बात साफ हो गयी है कि सरकार चाहे तो भ्रष्ट सेवक नहीं बच सकते. पर शर्त है कि सरकार चाहे तो.

काले धन की ऊंचाई

काले धन की ऊंचाई,साभार जागरण

विजेलेंस डिपार्टमेंट की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की ताजा छापामारी से राज्य भर में हड़कम्प है.

ईओयू ने चार सरकारी सेवकों के ठिकानों पर छापेमारे की. अभी कहना कठिन है कि बरामद सम्पत्ति कितने की है. यह पचास करोड़ की हो सकती है, बल्कि 100 करोड़ की. क्योंकि काले धन से खरीदी गयी सम्पत्ति सरकार द्वारा निर्धारित दर से कई गुना ज्यादा होती है. खुद विजिलेंस के महानिदेशक पीके ठाकुर भी इस बात को बखूबी समझते हैं.
ऐसे-ऐसे लोक सेवक

गिरीश कुमार- दरभंगा में पोस्टेड एमवीआई गिरिश 1995 से कार्यरत हैं. सालाना सम्पत्ति ब्योरे में उन्होंने 80 लाख रुपये की सालाना आमदनी बतायी है. पर जब छापामार दस्तों ने उनके ठिकानों पर धावा बोला तो कुछ और ही पाया. अब तक के आंकड़े बताते हैं कि उनके पास 16 करोड़ से ज्यादा की चलअचल सम्पत्ति है. रेड के दौरान पता चला कि पटना के कई पॉश इलाकों में फ्लेट्स हैं, एक ट्रांस्पोर्ट कम्पनी है जिसका सालाना टर्नआवर 6 करोड़ का है. एकंगरसराय में पेट्रोल पम्प है, 9 ट्रक हैं.. गिनती जारी है.

रामचंद्र शर्मा– भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता शर्मा के ठिकानों पर भी धावा बोला गया. साढे चार करोड़ के फ्लेट्स, गहने, लक्जरी गाड़ियां और गिनती जारी है.

रमेश पाठक– सबइंस्पेक्टर रहे हैं. समयपूर्व रिटार्यमेंट ले लिया है. इनके फ्लेट्स का साम्राज्य पटना से दिल्ली तक फैला हुआ है. अभी तक सात करोड़ चवालीस लाख की सम्पत्ति का अंदाजा आर्थिक अपराध इकाई को चल सका है.

अवधेश कुमार मंडल– ये सज्जन इंजिनियर हैं. भवन निर्माण विभाग में कार्यरत हैं. मुजफ्फरपुर में तैनात हैं. इनके ठिकानों पर हुई छापे मारी में जो तथ्य सामने आये हैं वे भी कम चौंकाने वाले नहीं है. फ्लेट्स, दुकानें, गहने और गाडियों के काफले का पता चला है. इनके पास अबतक जो सम्पत्ति मिली है वह लगभग साढ़े तीन करोड़ की है.

यह ठीक है कि आर्थिक अपराध इकाई पिछले एक साल से भ्रष्ट लोकसेवकों पर धावा बोलती रही है, पर अभी भी ऐसे सैंकड़ों लोकसेवक हैं जिनके खिलाफ उसे लगातार शिकायतें मिलती रही हैं पर उनके विरोध “अपेक्षित साक्ष्य” जुटाने के नाम पर कार्रवाई अभी भी नहीं हो पायी है. इसलिए उसे चाहिए कि इस दिशा में कार्रवाई करके भ्रष्टाचारियों के खेमे में मजूबत संदेश भेजा जाये.

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