मणिकांत इंटर में फेल न होते तो नही मिलता बिहार को ऐसा पत्रकार

एक फार्मूले में गलती हुई, चार अंक घटे और डाक्टर बनते-बनते रह गये मणिकांत ठाकुर. शायद उनका पत्रकार बनना ही तय था. वे अभी चार दिन पहले तक बीबीसी से रिटायर हुए हैं.

मणिकांत ठाकुर: बीबीसी में बिताये 18 साल

मणिकांत ठाकुर: बीबीसी में बिताये 18 साल

नीरज कुमार

बीबीसी हिंदी में बिहार संवाददाता रहे मणिकांत ठाकुर कभी पत्रकार बनना नहीं चाहते थे पर इंटर में फेल होने के बाद उनका जीवन ही बदल गया.

वे अपनी साफ आवाज, अलग अंदाज और बेबाक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं. आज की शाम पटना के रविवारी जमावड़े में वरिष्ठ एवं निर्भिक पत्रकार मणिकांत अपने अनुभव बांट रहे थे. अड्डा वही गंगा किनारे स्थित एएन सिंहा संस्थान परिसर. किसी की जीवन यात्रा को सुनना बड़ा मजेदार होता है, क्योंकि इसमें जीवन के कई रंग और शेड होते हैं. इससे कई काम की और ज्ञान की बातें निकल कर सामने आती हैं.

यह आयोजन वरिष्ठ एवं शोधोन्मुखी पत्रकार श्रीकांत की परिकल्पना है.यह फरवरी महीने से लगातार चल रहा है.

मणिकांत ठाकुर जी ने अपने बचपन की यादों में गोते लगाते हुए बताया कि कैसे इंटर में वे दो बार फेल हो गये. गणित और भौतिकी उनके लिए काफी कठिन विषय थे. लेकिन बायलोजी में मन लगता था. फेल हो जाने के बाद एक लड़की से लगाव हो गया, जिसकी आँखें काफी सुंदर थीं. लिखावट भी सुंदर और पढ़ाई में भी अच्छी थी. लोगों ने समझ लिया कि अब इसकी पढ़ाई-लिखाई खत्म. वे खेती-किसानी करने लगे. फिर एक दिन यूँ ही खगडि़या से रोसड़ा चले आये. यहाँ सरोज कुमार झा से दोस्ती हुई, जो अभी नौ सेना में वाईस एडमिरल हैं. यहीं से इंटर सायंस उतीर्ण हुए. मेडिकल प्रवेष परीक्षा का फार्म भरने के लिए पत्नी के जेवर तक बेचने पड़ गये. पटना में परीक्षा हुई, उसी दिन रात में ट्रेन से राँची चले गये. वहां से हिन्दी साहित्य में आनर्स हुआ. उन्होंने बताया कि कैसे प्रो0 रामाज्ञा ठाकुर के कहने पर भांग खाकर हिन्दी के विषेष पेपर (नाटक)की परीक्षा दी और भांग -प्रभाव से उस पेपर में डिस्टिक्षन आया. उन्होंने राँची एक्सप्रेस से पत्रकारिता शुरू की. फिर हिन्दुस्तान समाचार न्यूज एजेंसी में नौकरी लगी, 215रूपया प्रतिमाह पर.
दरअसल संस्मरण सुनाना अपने जीवन का एक सिंहावलोकन होता है. यह कई प्रकार की यादों से परिपूर्ण होता है. कई साल हम एक साथ काम करते हुए भी एक-दूसरे की यात्रा को नहीं जान पाते. यह आयोजन अपने आप में एक अनूठा प्रयास है अपनों को और नजदीक से जानने का.

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