महिला हाजियों ने मक्का में कुछ ऐसा खास किया कि भारत का सर गर्व से ऊंचा हो गया

 इस वर्ष भारत की औरतों को पहली बार बिना किसी पुरुष सहयोगी के हज पर जाने का अवसर मिला तो उन्होंने मक्का में एक ऐसी छाप छोड़ी जिससे हर भारतीय का सर गर्व से ऊंचा हो गया.

ख्वातीन हाजियों ने मक्का में भारत का गर्व बढ़ाया

ख्वातीन हाजियों ने मक्का में भारत का गर्व बढ़ाया

अभी हाल ही में हज करके भारत के हाजियों का आखिरी  जत्था स्वदेश लौटा है.

जब ख्वातीन हाजियों ने हज के सारे अरकान पूरे किये तो इस दौरान उन्होंने जमात के साथ नमाज भी अदा की. इस इबादत के दौरान खास बात यह थी कि उन्होंने नमाज के दौरान तिरंगा से अपने शरीर को ढक रखा था. इबादत के साथ देश प्रेम का यह अद्भुत उदाहरण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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गौर तलब है कि भारत सरकार ने पहली बार ख्वातीन ( औरतों ) को अपने किसी मेहरम रिश्तेदार( पति, भाई, पिता आदि) के बिना हज पर जाने का अधिकार दिया था. भारत से प्रति वर्ष लाखों लोग हज करने जाते हैं. भारत, इंडोनेशिया के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी का देश है. इस लिहाज से सऊदी सरकार ने भारत से हज पर जाने वाले लोगों का कोटा भी इंडोनेशिया के बाद सबसे अधिक रखा है.

हज मुसलमानों के पांच महत्वपूर्ण इबादतों में से एक है. इस्लामी मान्यता के अनुसार आर्थिक रूप से सम्पन्न हर व्यक्ति को कम से कम एक बार हज जरूर करना चाहिए. ऐसे में भारत की महिला हाजियों ने दुनिया के 20 लाख हाजियों के सामने एक मिसाल पेश की, जब उन्होंने हज की अदायगी के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा से खुद को ढ़क कर इबादत की. आम तौर पर ऐसे नजारे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में जब मिलते हैं तो देश के लोगों का सर गर्व से ऊंचा हो जाता है.

इस वर्ष जब केंद्र सरकार ने हज पर जाने वाली महिलाओं के अधिकारों में इजाफा किया तो महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला.इस वर्ष कुल 1,28,002 मुस्लिम तीर्थयात्री भारत की हज समिति के माध्यम से हज पर गये जिनमें 47 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं.

तिरंगा हमारे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है

इसके अलावा 47,023 हज तीर्थयात्री निजी टूर ऑपरेटरों के जरिये हज पर गये .इसके अतिरिक्त, भारत से पहली बार, मुस्लिम महिलाएं बिना ‘मेहराम‘ (पुरुष साथी) के हज यात्रा पर गयीं. कुल 1308 महिलाओं ने बिना ‘मेहराम‘ (पुरुष साथी) के हज यात्रा के लिए आवेदन किया था और इनमें से सभी महिलाओं को लॉटरी स्स्टिम से छूट दे दी गई है और हज पर जाने की इजाजत दी गई थी.

हमारी आन हमारी शान तिरंगा

हर भारतीय के लिए तिरंगा महज के ध्वज नहीं बल्कि आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है.

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