मांझी को शरद की नसीहत- सोच-समझ कर बोलें

जनता दल यू के अध्यक्ष शरद यादव ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को संयमित बयान देने की सलाह दी है ताकि पार्टी को विवादों से बचाये रखा जा सके।  श्री यादव ने नई दिल्‍ली में संवाददाता सम्मेलन में श्री मांझी के बयान की चर्चा किये जाने पर कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को कोई ऐसा बयान नहीं देना चाहिये जिससे समाज में विवाद पैदा हो। manjhi sharad 1

 

उल्लेखनीय है कि श्री मांझी ने पिछले दिनों एक सभा में कहा था कि आदिवासी यहां के मूल निवासी है और अगड़ी जाति के लोग विदेश से आये हुये हैं।  श्री यादव ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री राज्य के सभी लोगों के प्रतिनिधि होते हैं।  उन्होंने कहा कि देश में इतिहासकार लिखते रहते हैं। श्री यादव ने कहा कि उन्होंने श्री मांझी से बात की है और उन्होंने जो बयान दिया है उसका कोई अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिये। अध्यक्ष शरद यादव ने गुजरात में मतदान को अनिवार्य किये जाने को जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से हटाने का कुत्सित प्रयास बताया और इसे संसद द्वारा रद्द किये जाने पर जोर दिया।

 

श्री यादव ने कहा कि वह गुजरात के इस कदम की घोर निंदा करते हैं। यह कदम आम जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।  श्री यादव ने कहा कि ज्यादातर लोग घिसट-घिसट कर जी रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी ने वोट नहीं दिया तो क्या किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र से मजाक बंद होना चाहिये ।

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