माओवादियों की व्यूह रचना: जेल से छुड़ाने के लिए नेताओं पर निशाना

अतिविश्वस्नीय सूत्र बताते हैं कि नये साल में माओवादियों ने अपने तीन शीर्ष नेताओं को जेल से छुड़ाने के लिए व्यूह रचना कर ली हैं इसके लिए देश के कुछ राजनेताओं को निशाना बनाया जा सकता है.

विनायक विजेता

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30 अप्रील 2011 को बिहार के कटिहार जिले वारसोई थाना अंतर्गत सीतगांव के गणेश टोला से भाकपा माओवादी के तीन शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार किया गया ता.

ये गिरफ्तारी  बिहार एसटीएफ के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा की गयी ती.

शीर्ष माओवादी

गौरतलब है कि कटिहार में तब 7 माओवादियों में, गिरफ्तार किए गए भाकपा माओवादी के सेंट्रल कमेटि सदस्य वाराणसी सुब्रह्मणयम उर्फ श्रीकांत, पुलेन्दू शेखर मुखर्जी उर्फ साहेब दा व विजय कुमार आर्य उर्फ जसपाल की गिरफ्तारी पर बिहार, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा व झारखंड सहित देश के कई राज्यों द्वारा 40 लाख से अधिक की इनामी राशि की घोषणा की गई थी।

विजय कुमार आर्य जहां बिहार के गया जिले के गुरुआ थाना अंतर्गत करमा गांव के निवासी हैं वहीं अन्य लोग अलग-अलग जगहों के।

वाराणसी सुब्रह्मणयम उर्फ श्रीकांत को शीर्ष माओवादी नेता कोबाड गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद भाकपा माओवादी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट का प्रभारी बनाया गया था।

कटिहार में गिरफ्तार किए गए सातों माओवादी में चार को जमानत मिल चुकी है जबकि वाराणसी सुब्रह्मणयम उर्फ श्रीकांत व पुलेन्दू शेखर मुखर्जी उर्फ साहेब दा अभी रायपुर जेल में हैं जबकि विजय कुमार आर्य आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम जेल में।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन तीनों के अलावा भाकपा माओवादी हर किमत पर वर्तमान में औरंगाबाद जेल में बंद अपने शीर्ष नेता प्रमोद मिश्रा व पटना के बेऊर जेल में बंद व जहानाबाद जेल ब्रेक कांड के सूत्रधार अजय कानू उर्फ सूरज को भी हर कीमत पर जेल से निकालना चाहता है।

गौरतलब है कि बिहार में सर्वप्रथम माओवादी नेता प्रमोद मिश्रा की गिरफ्तारी पर ही सबसे ज्यादा 5 लाख की इनामी राशि घोषित की गई थी और उन्हें बिहार के तत्कालीन आईजी, आपरेशन एस के भारद्वाज के कार्यकाल में धनबाद से गिरफ्तार किया गया था।

सूत्र के अनुसार भाकपा माओवादी 2012 में छत्तीगढ़ के सुकमा जिले के तत्कालीन डीएम एलेक्स पॉल मेनन और आंध्रप्रदेश के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के अपहरण जैसी वारदातों की पुनरावृत्ति की योजना बना रहें हैं जिनके अपहरण की कीमत जेल में बंद उनके शीर्ष नेताओं को छुड़ाकर ली जाएगी।

माओवादियों की बन रही नयी व्यूह रचाना में कई चर्चित और शीर्ष राजनेताओं का नाम भी शामिल है। औरंगाबाद जेल में बंद शीर्ष माओवादी नेता प्रमोद मिश्र ने कुछ माह पूर्व राष्ट्रपति को एक पत्र भी भेजा है जिसमें उन्होंने अपने मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया है. जबकि कटिहार से गिरफ्तार किए गए सात माओवादियों में से एक शीर्ष माओवादी नेता 60 वर्षीय पुलेन्दू शेखर मुखर्जी उर्फ साहेब दा ने भागलपुर जेल में रहते हुए बिहार सरकार के कारा विभाग को अपनी मौत के बाद अपनी आंखें किसी जरुरतमंद को दान देने के लिए पत्र लिखा था।

फोटो विविरण-

30 अप्रील 2011 को कटिहार में गिरफ्तार सात भाकपा माओवादी नेताओं में से तीन शीर्ष नेता व केन्द्रीय पोलित ब्यूरो के महत्वपूर्ण सदस्य पुलेन्दू शेखर मुखर्जी उर्फ साहेब दा (सबसे दायीं ओर), विजय कुमार आर्य (पुलेन्दू शेखर मुखर्जी के बगल में) व वाराणसी सुब्रह्मणयम उर्फ श्रीकांत (लाल-मैरुन शर्ट में)

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