मिड-डे मील साजिश: अध्यापिका के पति ने चीनी मिल से खरीदा था ज़हर

बिहार के शिक्षा मंत्री ने मिड-डे मील से हुई मौत पर बयान देते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट के अनुपसार प्रधान शिक्षिका के पति व उसके भाई ने जहर खरीदी थी उसके दो दिन बाद मौत का तांडव हुआ.

पीके शाही

पीके शाही

शीक्षा मंत्री पीके शाही ने बिहार विधानसभा को बताया कि मशरक के धर्मसती गंडामन गांव के प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका के पति अर्जुन राय और उसके भाई ध्रुव राय ने एक चीनी मिल से 14 जुलाई को 250 मिली लीटर मोनो क्रोटोफास खरीदा था. इसके दो दिन बाद यानी 16 जुलाई को विद्यालय के 23 बच्चे मिड-डे मील में मिले जहर खा कर मौत के शिकार हो गये.

पीके शाही ने कहा कि इसह घटना के शामिल दोषियों को कड़ी सजा दिलायी जाएगी.

विधानसभा में हंगामे के दौरान पीके शाही ने कहा कि जांच से यह बात स्पष्ट हो गयी है कि जहर देने का काम एक गंभीर साजिश का हिस्सा था. हालांकि शाही ने इस साजिश पर विस्तार से चर्चा नहीं की.

मालूम हो कि बिहार विधानसभा का सत्र बीते सोमवार को शुरू हुआ है.यह पहला मौका है जब लगभग आठ सालों तक जद यू के साथ सरकार में शामिल भाजपा विधानमंडल में विपक्ष की भूमिका में है. विपक्ष की भूमिका में आने के बाद एक बड़ा और मजबूत विपक्ष होने का प्रमाण भी विधानसभा में दिखा.

मशरक स्कूल में खाने में जहर से हुई बच्चों की मौत पर विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को सरकार को मानना पड़ा. काम रोको प्रस्ताव आम तौर पर तब दिया जाता है जब कोई महत्वपूर्ण मुद्दा अन्य काम या बहस को रोक कर चर्चा के लिए लिया जाता है.

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