मीडियाकर्मियों की नौकरी छीनने के खिलाफ होगा आंदोलन

नेटवर्क18 (आईबीएन7) के 325 मीडियाकर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ पटना के पत्रकार विरोध मार्च और आईबीएन 7 के दफ्तर के सामने प्रदर्शन करेंगे.

विरोध की आवाज

विरोध की आवाज

यह विरोध प्रदर्शन 26 अगस्त को आयोजित किया गया है. इससे पहले 24 अगस्त को तैयारियों का जायजा लिया जायेगा.आज बिहार के 30 पत्रकारों ने एक बैठक में यह फैसला लिया.
इस आंदोलन को प्रेस फ्रीडम मूवमेंट के बैनर तले आगे बढ़ाया जायेगा. इस आंदोलन में बिहार वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने हर संभव समर्थन देने की घोषणा की है.

सोमवार की बैठक गांधी मैदान में गांधी जी की प्रतिमा के पास आयोजित की गयी. इसमें नौकरशाही डॉट इन के सम्पादक इर्शादुल हक, अभिषेक आनंद, वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव कुमार, बिहार वर्किंग जर्निल्स्ट यूनियन के प्रतिनिधी शिवेंद्र नारायण सिंह, आलोक के एन सिंह, बिहारी खबर के अनूप नारायण सिंह, पत्रकार अभिजीत गौतम, अभिषेक लाल, रवि राज, कुमार शैशव, अजीत कुमार, अमित आनंद, अमित सिन्हा, कुमार गौरव, फैयाज इकबाल दीपक राज मिर्धा, रिमझिम, महेश कुमार, विकास सिंह समेत अनेक पत्रकारों और पत्रकारिता के छात्रों ने हिस्सा लिया.

इस बैठक में बिहार वर्किंग जर्निस्ट यूनियन के सेक्रेट्री व प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य अरुण कुमार ने भी अपना समर्थन दिया. पटना से बाहर होने के कारण टेलिफोनिक संदेश के द्वारा अरुण कुमार ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने पत्रकारों के हितों के लिए सतत संघर्ष का आह्वान किया.

इस अवसर पर पत्रकारों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की लांग टाइम और शाट टाइम योजना पर खुल कर बहस हुई.

इर्शादुल हक ने संघर्ष की रूप रेखा रखते हुए कहा कि पत्रकार जब बाकी समाज की आवाज बुलंद कर सकते हैं तो कोई संदेह नहीं कि वे अपनी आवाज को सशक्त तरीके से न रख सकें, जरूरत इस बात की है कि एक संगठित प्रयास शुरू किया जाये.

अभिषेक आनंद ने कहा कि हमें अपने संघर्ष के द्वारा अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना होगा और यह साबित करना होगा की पत्रकार अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचा सकते हैं.आज की पत्रकारों की बैठक के आयोजन में मुकेश हिसारिया ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया

ध्रुव कुमार और अनूप नारायण सिंह ने मजबूत प्लेटफार्म के गठन पर बल दिया. फैयाज इकबाल अभिजीत गौतम अभिषेक लाल रवि राज और दीपक राज मिर्धा ने पत्रकारिता के छात्रों को भी इस आंदोलन से जोड़ने की पुरजोर वकालत की. जबकि अमित सिन्हा ने कहा कि कहा कि जब तक कार्पोरेट घरानों के शोषण के खिलाफ खुल कर बोलने और सड़कों पर आकर विरोध करने की जरूरत है.

इस बैठक में पटना के प्रिंट और इल्कट्रानिक मीडिया घरानों से जुड़े अनेक पत्रकारों ने हिस्सा लिया जबकि दर्जनों वरिष्ठ पत्रकार, जो अपनी निजी व्यस्तता के कारण इसमें शरीक नही हो सके उन्होंने अपना समर्थन जताया है.

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