मुंगेर जाने से पहले मनु महराज ने अंतिम बार किया पटना पुलिस का उत्‍साहवर्द्धन

सिटी एसपी से सिनियर एसएसपी के रूप में पटना में काम कर चुके आईपीएस अधिकार मनु महराज ने गुरूवार को अंतिम बार पटना पुलिस को संबोधित किया और उनका उत्‍साहवर्द्धन किया। इस दौरान मनु महाराज ने कहा कि पब्लिक और भगवान के बीच पुलिस ही जो किसी की मदद कर सकती है। इसलिए जब भी कोई घटना हो, तो आपके रोंगटे खड़े होते रहे और कार्रवाई हो। पटना पुलिस में ये जज्‍बा है।

Manu Maharaj

नौकरशाही डेस्‍क

बता दें कि मनु महराज की प्रोन्‍नति डीआईजी रैंक पर हुई है और उन्‍हें मुंगेर रेंज का डीआईजी बनाया गया है। मनु महाराज की पहचान बिहार के तेजतर्रार अफसरों के रूप में होती है। वे अपनी खास स्‍टाइल और कार्यशैली के लिए जाने जाते रहे हैं। लोगों के बीच मनु महराज की छवि सिंघम जैसी है। यही वजह है कि जब वे पटना में आज अंतिम बार पुलिस कर्मियों को संबोधित कर रहे थे, तब वे भावुक हो गए।

पटना मेरी कर्मभूमि

मनु महराज ने कहा कि हम पुलिस कर्मी एक हैं। हमें सेवा करना है। उन्‍होंने ये भी कहा कि यह मेरे लिए बहुत दुख की घड़ी है। क्‍या मुंगेर क्‍या पटना,  मन से होना लगाव चाहिए। उन्‍होंने कहा कि पाटलिपुत्रा की धरती को नमन करता हूं। यह मेरी कर्म भूमि है। एक आईपीएस ऑफिसर के रूप में बिहार की राजधानी पटना में काम करने का मौका दिया गया। यहां जितना मैं कर पाया, कम है। अगर इस धरती के लिए जान भी गंवानी पड़ती तो वो कम है।

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दिल से अलग नहीं कर पाऊंगा पटना को 

उन्‍होंने कहा कि हिमाचल के पहाड़ों से आकर मुझे नहीं लगा कि कहीं दूर आ गया हूं। यहां मैं जन जन से जुड़ चुका हूं। पटना को मैं अपने मन और दिल से अलग नहीं कर पाउंगा। उन्‍होंने महिला सिपाही की भी जमकर तारीफ की और कहा कि महिला सिपाही का विशेष योगदान रहा। पटना में उनका खूब सहयोग मिला। वहीं, मीडिया कर्मियों के सहयोग को भी मैं हमेशा याद रखूंगा।

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बताते चलें कि मनु महराज की जगह अब पटना की एसएसपी का पदभार गरिमा मल्लिक ग्रहण करेंगी, जो बिहार कैडर की 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। दरभंगा के अलावा वह लंबे अर्से तक गया की एसएसपी भी रहीं हैं।

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