मोबाइल में छुपे राज दफ्न करना चाहता था अशोक

30 जनवरी हजारीबाग से गिरफ़्तार किए गए कुख्यात अशोक शर्मा को जैसे ही लगा कि पुलिस ने उसके ओम अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में दबिश दी है वैसे ही अशोक ने अपनी जेब में रखे अपने मोबाइल को खिड़की के बाहर नीचे फेक दिया।
अशोक शर्मा पुलिस विभाग में काम कर चुका है और उसकी तलाश सुहैल हिंगोरा अपहरण के साथ अनेक संगीन डकैतियों में रही है.
पुलिस के उसके कमरे में पहुंचने के पूर्व उसने अपने बेटे चंदन का मोबाइल अपने पाकेट में रख लिया। पर अशोक को यह पता नहीं था कि उस अपार्टमेंट को झारखंड और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने चारो तरफ से घेर रखा है।

अशोक शर्मा द्वारा खिड़की से फेंका गया मोबाइल अपार्टमेंट के नीचे खड़े झारखंड पुलिस के एक जवान के कंधे से टकराता हुआ जमीन पर गिरा और झतिग्रस्त हो गया जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। जब बाद में अशोक से उस मोबाइल के बारे में पूछताछ हुई तो उसन कहा कि ‘जी सर, मुझे पता नहीं कि ये किसका मोबाइल फोन है।’ Water-Damaged-Mobile

विनायक विजेता

बताया जाता है कि अपना मोबाइल फोन खिड़की के रास्ते नीचे फेकने के तुरंत बाद अशोक शर्मा ने अपने बेटे का मोबाईल पुलिस को धोखा देने के लिए अपने पाकेट में रख लिया था और उसे ही अपना मोबाइल बता रहा था पर इसी बीच वह सिपाही जिसके कंधे से लगकर अशोक का मोबाइल नीचे गिरा था वह उपर आकर अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

अशोक और उसके बेटे चंदन को हजारीबाग से पटना लाए जाने के बाद अशोक के क्षतिग्रस्त मोबाइल की जांच की जा रही है। इधर अशोक की पत्नी, बेटी व बहू और गांव के कुछ अन्य लोग शुक्रवार की रात से ही पटना में डा. राधेश्याम शर्मा के घर के बाहर में डेरा डाले हुएं हैं जिनके घर बीते 26 जनवरी की रात भीषण डकैती हुई थी।

सूत्र बताते हैं कि डा. राधेश्याम शर्मा ने अशोक के परिवार को यह कहा है कि उन्होंने किसी को नामजद नहीं किया है न हीं उनका किसी पर शक है। डा. राधेश्याम शर्मा और अशोक शर्मा दोनो जहानाबाद जिले के घोषी थाना अंतर्गत एक ही गांव ओकरी के ही हैं। अशोक और उसके परिवार को शक है कि अशोक की गिरफ्तारी डा. राधेश्याम शर्मा के घर हुई डकैती मामले में हुई है। जबकि विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि बहुचर्चित सुहैल हिंगोरा मामले में अशोक शर्मा की गिरफ्तारी हुई है क्योंकि इस मामले में वांछित कुख्यात हाजीपुर निवासी चंदन सोनार का अशोक शर्मा से आत्मीय संबंध रहा है और चंदन सोनार और उसका गिरोह अक्सर हजारीबाग में अशोक शर्मा के आवास पर ही रुका करता था।

हालांकि पटना पुलिस ने अबतक इस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है पर अंदाज लगाया जा रहा है कि जल्द ही दोनों मामले में से किसी एक मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। जेल के निलंबित सिपाही अशोक शर्मा द्वारा पुलिस दबिश पड़ते ही अपना मोबाइल फेकने का मामला ही कुछ बड़े मामले की ओर संकेत करता है। हत्या, अपहरण सहित कई संगीन मामले में आरोपित रहे अशोक शर्मा पर दस वर्ष पूर्व जहानाबाद जिले के घोषी थाना अंतर्गत गंधार गांव की निवासी गीता रानी की भी हत्या का आरोप था जिस मामले में वह कई माह तक जहानाबाद जेल में भी रहा। गीता रानी अशोक के छोटे भाई की पत्नी थी जिसकी संदिग्ध परिस्थिति में अपने ससुराल ओकरी में ही मौत हो गई थी।

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