मोर्चा पे तैयार बिहार का पहला महिला बटालियन

डेढ़ साल के कठिन शारीरिक और हथियारों के प्रशिक्षण के बाद बिहार का पहला महिला बटालियन राज्य के कानून व्यवस्था कायम रखने में अपने योगदान के लिए तैयार है.इस महिला बटालियन की 580 मिहला पुलिस 17 जनवरी से राज्य भर के थानों में योगदान शुर कर देंगी.

बिहार का पहला मिहला बटालियन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2007 में महिला बटालियन बनाने की घोषणा की थी.पांच सालों के बाद बिहार के प्रथम महिला बटालियन का सपना साकार हो रहा है.

इस बटालियन की महिलाएं आधुनिक हथियारों से लैस हैं.इनमें इंसास, कार्बाइन, एलएमजी और एसएलआर जैसे आधुनिक हथियार शामिल हैं.इन हथियारों को चलाने का इन्हें डेढ़ साल तक बकायदा प्रशिक्षण दिया गया है.राज्य के सिपाही भर्ती बोर्ड ने परीक्षा लेकर इन महिलाओं का चयन किया था और इन्हें अगस्त 2011 में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था.इस बटालियन का हेडक्वाटर्स सासाराम में होगा.

वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार की इस बटालियन के प्रशिक्षण से लेकर अब तक की तैयारियों पर पैनी नजर है.उनका कहना है कि बटालियन में सभी जिलों से महिलाओं का चयन हुआ है.पर बेगूसराय से एक सौ से अधिक लड़कियां चुनी गयी हैं.इनमें 400 से ज्यादा ग्रेजुएट हैं और 50 पोस्ट ग्रेजुएट हैं.इनमें से कई कंप्यूटर की जानकार भी हैं.

महिला बटालियन के कमांडेंट मोहम्मद रहमान का कहना है “जब हर क्षेत्र में लड़कियां मर्दों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं, तो महिला बटालियन होना ही चाहिए. बिहार आर्म्ड फोर्स का यह बटालियन हिस्सा होगा.

इस बटालियन की पहली कमांडेंट अनसुईया रणसिंह साहु थीं”.

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