यह जो केजरीवाल हैं:एक परिचय

1992 बैच के आईआरएस अधिकारी अरविंद केजरीवाल ने भारतीय राजनीति में वह कर दिखाया है जिसकी मिसाल कम ही मिलती है.kejriwal

हालांकि इसी तरह असम में प्रफुल्ल कुमार मोहंत के नेतृत्व में असम गण परिषद ने 1985 में करिश्मा कर दिखाया था. पर अरविंद और उनकी टीम ने देश की राजधानी में जो कमाल किया है, उसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं.

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अरविंद केजरीवाल का जन्म 1968में हरियाणा ]के हिसार शहर में हुआ ] और उन्होंने 1989 में आईआईटी खड़गपुर से यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में, 1992 में वेभारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) ज्वाइन किया.

वह दिल्ली में आयकर आयुक्त कार्यालय में नियुक्त किये गये.। शीघ्र ही, उन्होंने महसूस किया कि सरकार में बहुप्रचलित भ्रष्टाचार के कारण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।

दिल्ली में एक नागरिक आन्दोलन-परिवर्तन की स्थापना की, जो एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। इसके बाद, फरवरी 2006 में, उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया, और पूरे समय के लिए सिर्फ ‘परिवर्तन’ में ही काम करने लगे। अरुणा रॉय और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर, उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के लिए अभियान शुरू किया.

इसके बाद, जुलाई 2006 में, उन्होंने पूरे भारत में आरटीआई के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया। दूसरों को प्रेरित करने के लिए अरविन्द ने अब अपने संस्थान के माध्यम से एक आरटीआई पुरस्कार की शुरुआत की है। सूचना का अधिकार गरीब लोगों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही आम जनता और पेशेवर लोगों के लिए भी यह उतना ही महत्वपूर्ण है। आज भी कई भारतीय सरकार के निर्वाचन की प्रक्रिया में निष्क्रिय दर्शक ही बने हुए हैं.

2 अक्टूबर 2012 को गांधीजी और शास्त्रीजी के चित्रों से सजी पृष्ठभूमि वाले मंच से अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की औपचारिक शुरुआत कर दी.

उन्होंने 2 अक्टूबर 2012 को ही अपने भावी राजनीतिक दल का दृष्टिकोण पत्र भी जारी किया.

विकिपेडिया के इनपुट पर आधारित

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