यूपी: मोदी के बदले कांग्रेस का मुस्लिम कार्ड

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के जोनल सम्मेलन में हिंदुत्व मुद्दे पर नमो-नमो की गूंज हुई तमाम फैक्टर पर वोट खिसकने का मुद्दा लेकर कांग्रेसियों का चेहरा आखिरकार हॉल से निकलते वक्त चमक रहा थाcongress.bjp

धीरेंद्र सिंह

इसकी वजह थी मोदी फैक्टर को ही हथियार बनाकर मुस्लिम वोट बैंक कांग्रेस के पाले में करने की आक्रामक रणनीति का। प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने इसी तीर से सपा को भी चुनावी दंगल में चारों खाने चित करने की जुगत समझाई।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मधुसूदन मिस्त्री सूबे में मुस्लिम वोट बैंक की पूरी फेहरिस्त लेकर आए थे। हालांकि इस बाबत सवाल के जवाब में उन्होंने रणनीति का खुलासा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि मुसलमानों को कांग्रेस से जोड़ने का अभियान दूसरे चरण में होगा, अभी सिर्फ संगठन में निचले स्तर की निष्क्रियता कैसे टूटे, इस पर कवायद हुई। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों के विकास के नाम पर चल रही केंद्र की योजनाएं कार्यकर्ता घर-घर जाकर समझाएंगे।

वैसे फैजाबाद जोन की 10 लोकसभा सीटों में मुस्लिम वोट बैंक की खासी अहमियत है, पिछले लोकसभा चुनाव में जोन की फैजाबाद, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर में सपा-बसपा से इसी वोट बैंक के खिसकने से कांग्रेस की जीत तय हुई थी।

मोदी का डर दिखाकर इस बार पुरजोर लहर पूरे यूपी में बनाने का लक्ष्य है। गुरुवार को कार्यकर्ताओं के बीच मिस्त्री ने बात गुजरात से ही शुरू की। बोले, गुजरात में मोदी की जड़ें क्या हैं? जवाब दिया केवल-दंगा। फिर सवाल पूछा कि क्या यूपी में भी हिंदुत्व की ऐसी लहर कहीं दिखती है, सबने जवाब दिया-नहीं।

फिर मिस्त्री ने अपना अचूक मंत्र चलाया, बोले- फिर मोदी तो हमारे लिए मुस्लिम वोट बैंक की गारंटी साबित होंगे। बस जरूरत है आप सभी मुसलमानों से संवाद बढ़ाएं, केंद्र की योजनाएं समझाएं, यदि कहीं गलती समझ आए तो माफी मांग लें।

उन्होंने कहा कि मुसलमानों का बौद्धिक तबका हमारे साथ है, उसे पता है कि सपा की विधानसभा में सरकार बना दी गई, अब केंद्र में कांग्रेस का साथ खुलकर नहीं दिया तो फिरकापरस्त ताकतें सत्ता में आ जाएंगी।

अवध में मुस्लिम मतदाता
फैजाबाद- 30 प्रतिशत
अम्बेडकरनगर प्रतिशत
बहराइच – 35 प्रतिशत
कैसरगंज- 28 प्रतिशत
गोंडा – 30 प्रतिशत
बलरामपुर – 32 प्रतिशत
बस्ती- 25 प्रतिशत
संतकबीरनगर- 24 प्रतिशत
बाराबंकी- 35 प्रतिशत
सिद्धार्थनगर- 24 प्रतिशत

साभार अमर उजाला

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