योगी की ललकार, उखाड़ फेंके बिहार की सरकार

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के ‘तीन साल बेमिसाल’कार्यक्रम में बिहार आएं] लेकिन वे यहां की  रैली में चुनावी शंखनाद किया. उनके पूरे भाषण में  बिहार में  सरकार  को परिवर्तित करने की चाहत दिखी. बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए युवाओं उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.लालू -नीतीश का नाम लिए बिना योगी ने दोनों को न सिर्फ  ‘सत्तालोलुप’ करार दिया बल्कि तीन तलाक के मुद्दे पर नीतीश को कठघरे में भी खड़ा किया.

शिवानंद गिरि, नौरकशाही के लिए दरभंगा से

बिहार के दरभंगा में आयोजित इस रैली में योगी ने ‘दहाड़ते’ हुए कहा कि बिहार की प्रतिभा को किसी की नजर लग गई  है. नौजवान निराश हैं. पलायन कर रहे हैं. उनका भविष्य अंधकार में लग रहा है. यह देखते हुए ऐसा लग रहा है कि यहां की सरकार में कहीं ना कहीं कमी है. उन्होंने बिहार के लोगों से यहां की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान  किया. बिहार की प्रतिभा की चर्चा करते हुए  योगी ने कहा कि यूपी में हमने बिहार के अधिकारियों को प्रमुख पदों पर बैठाया  है क्योंकि  वे प्रतिभावान हैं.

रैली में आए नौजवानों की भीड़ से ‘आह्लादित’ योगी ने कहा कि जब नौजवान अंगड़ाई लेता है  तो सरकार हिल जाती है. जेपी आंदोलन की चर्चा करते हुए लालू और नीतीश का नाम लिए बगैर हुए कहा कि कांग्रेस कुशासन के खिलाफ जेपी आंदोलन ने देश को हिला दिया था. इसकी शुरुआत बिहार से ही हुई थी. इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में से कुछ लोग मंच पर बैठे हैं, जबकि  कुछ सत्तालोलुप  लोग सत्तासीन हैं. उन्‍होंने जेपी के मूल्य व सिद्धांतों को भूला दिया है.

तीन तलाक के  मुद्दे पर भी नीतीश को कटघरे में लेते हुए  आदित्यनाथ ने कहा कि नीतीश आधी आबादी के लिए काम करने की बात करते हैं पर तीन तलाक के  मुद्दे पर  चुप क्यों हैं. नरेंद्र मोदी सरकार की ‘स्तुतिगान’ करते  हुए यूपी के मुख्यमंत्री ने  तीन वर्ष के मोदी सरकार के कार्यकाल को कई मायनों में बेमिसाल करार दिया. उन्होंने योग दिवस को सफल बनाने की लोगों से अपील की.

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